फतह-1 मिसाइल से उड़ा दिए भारत के वो दो एयरबेस, जो दुनिया में हैं ही नहीं!
पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बार फिर झूठा दावा किया है। एक अफसर ने कहा है कि पाकिस्तान की फतह-1 मिसाइलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दो भारतीय एयरबेसों पर हमले किए थे। हालांकि, उसने जिन भारतीय एयरबेसों का नाम लिया, वो अस्तित्व में ही नहीं हैं।
20 मई, 2026 – इस्लामाबाद: ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरे हो चुके हैं। पिछले साल 1 मई से 10 मई के बीच भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान पर जबरदस्त हमले कर उसे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। पाकिस्तान में हालात इतने गंभीर हो गए थे कि उनकी सेना के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) को भारत को फोन कर संघर्ष विराम की गुहार लगानी पड़ी थी। अब वही पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के खिलाफ झूठे दावे और दुष्प्रचार कर रहा है। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने दावा किया है कि उनकी फतह-1 मिसाइल ने भारत के दो एयरबेसों को तबाह कर दिया था। जबकि वास्तविकता यह है कि पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने जिन एयरबेसों का नाम बताया वो दुनिया में मौजूद ही नहीं हैं।
भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस लॉन्च किया था। इस दौरान पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों में भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। उन्होंने भारत पर हमले के लिए फतह-1 गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट का भी इस्तेमाल किया था, जिसे पाकिस्तानी सेना ने 10 मई 2025 को दागा था। हालांकि, भारत ने इन दोनों रॉकेटों को भारतीय हवाई क्षेत्र में पहुंचते ही अपने एयर डिफेंस सिस्टमों के जरिए तबाह कर दिया था। इसके बाद भी पाकिस्तानी सेना झूठे दावे करने से बाज नहीं आ रही है।
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने क्या दावा किया
पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी कैप्टन मुनीब जमाल ने एक स्थानीय चैनल को दिए इंटरव्यू में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फायर किए गए फतह-1 मिसाइल को लेकर अजीबोगरीब दावा किया है। इस अधिकारी का दावा है कि वह उस वक्त फतह-1 मिसाइल लॉन्च करने वाले ऑपरेशन का हिस्सा था। उसने दावा किया कि फतह-1 मिसाइल ने दो भारतीय सैन्य ठिकानों — “राजौरी एयरबेस” और “मामून एयरबेस” – को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। लेकिन, असलियत यह है कि ये “एयरबेस” धरती पर मौजूद ही नहीं हैं।
पाकिस्तानी सेना के दावे का सच क्या है?
राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक जिला जरूर है, लेकिन वहां भारतीय वायुसेना का कोई भी ऑपरेशनल एयरबेस मौजूद नहीं है। वहीं, मामून पंजाब के पठानकोट के पास स्थित एक सैन्य छावनी (केंटोनमेंट) क्षेत्र है। जब इंटरव्यू ले रहे शख्स ने पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी से पूछा कि क्या ‘फतह-1’ मिसाइलों ने अपने तय लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा था, तो कैप्टन मुनीब ज़माल ने जवाब दिया कि दोनों ही मिशन पूरी तरह सफल रहे। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, “हमें दो लक्ष्य दिए गए थे — राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस — और हमने सफलतापूर्वक उन पर हमला किया।”
सोशल मीडिया पर लोगों ने मजे लिए
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग मजे ले रहे हैं। कई यूजर्स ने ‘राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस’ पर मिसाइल हमले के दावा करने वाले पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी का मजाक उड़ा रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, “पुरातत्वविदों, नक्शानवीसों, गूगल मैप्स और भारतीय वायुसेना ने मिलकर उस ‘पौराणिक’ राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस को खोजने के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया है। अगर किसी को भी उनकी जियोलोकेशन पता हो, तो कृपया सरकारी अधिकारियों को भेज दें।”
कहां मिला था फतह-1 मिसाइल का मलबा
पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने ऑपरेशन बुनियान-उन-मरसूस के तहत भारत के उधमपुर एयर बेस, पठानकोट एयर बेस और आदमपुर एयर बेस को निशाना बनाया था। इन हमलों के बाद, हरियाणा के सिरसा के खेतों से, साथ ही राजस्थान के बाड़मेर और पंजाब के जालंधर से मिसाइल का मलबा बरामद किया गया। बाद में, सितंबर 2025 में, श्रीनगर की डल झील से एक मिसाइल का मलबा निकाला गया, जिसके बारे में माना जा रहा था कि वह ‘फतह-1’ मिसाइल थी।
नवभारत टाइम्स