27 मई, 2026 – चण्डीगढ़-पंजाब : करीब 32 हजार जवानों की तैनाती के बावजूद ये चुनाव हिंसा से बुरी तरह ग्रस्त रहे। चुनावी रंजिश में प्रत्याशी और उनके परिजन लहूलुहान हुए, चाकूबाजी में युवक घायल हुए और धक्का-मुक्की में नेताओं की पगड़ियां तक उतर गईं।
पंजाब में आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों के चुनाव सोमवार को भारी हंगामे, हिंसा और पथराव के बीच संपन्न हुए।
राज्य चुनाव आयुक्त राजकमल चौधरी के अनुसार शाम पांच बजे तक लगभग 61.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि साल 2021 में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में यह आंकड़ा 73.53 प्रतिशत था। मतदान प्रतिशत में इस गिरावट का एक कारण मौसम का मिजाज भी माना जा रहा है, क्योंकि पिछली बार चुनाव सर्दियों में हुए थे और इस बार मतदान भीषण गर्मी के बीच हुआ।
दूसरी ओर, करीब 32 हजार जवानों की तैनाती के बावजूद ये चुनाव हिंसा से बुरी तरह ग्रस्त रहे। चुनावी रंजिश में प्रत्याशी और उनके परिजन लहूलुहान हुए, चाकूबाजी में युवक घायल हुए और धक्का-मुक्की में नेताओं की पगड़ियां तक उतर गईं। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि बठिंडा में सरेआम फायरिंग तक की गई। इसके अलावा कई बूथों पर फर्जी वोटिंग को लेकर भी भारी शोर-शराबा देखने को मिला।
उधर, चुनावी समीकरणों की बात करें तो 63 वार्डों में आम आदमी पार्टी (आप), दो में कांग्रेस और तीन वार्डों में शिअद के प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इस चुनाव में आप के कुल 1801, कांग्रेस के 1550, भाजपा के 1316, शिअद के 1251, बसपा के 96 और 1541 निर्दलीय व अन्य उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य चुनाव आयुक्त ने कुल 740 बूथों को संवेदनशील और 274 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया था; हिंसा व हंगामे की अधिकतर घटनाएं भी इन्हीं चिन्हित बूथों पर ही सामने आईं।
कहां-कहां हुई हिंसा
जगरांव: मतदान के दौरान खूनी संघर्ष; इन्फ्लुएंसर के कैमरामैन पर चाकू से हमला, पूर्व मंत्री ने सड़क पर लगाया जाम।
मजीठा: वार्ड छह के बूथ पर अकाली और आप वर्कर भिड़े, युवक घायल; पूर्व मंत्री मजीठिया और एसएसपी में तीखी बहस।
बठिंडा: रामां और मौड़ मंडी में बूथ कैप्चरिंग व फर्जी वोटिंग का आरोप; आप, कांग्रेस और अकाली दल के वर्कर आपस में भिड़े।
बरनाला: फर्जी वोटिंग का विरोध करने पर भाजपा प्रत्याशी के पति पर तेजधार हथियार से हमला, धक्का-मुक्की में पगड़ी उतरी।
बठिंडा: नगर निगम चुनाव में पैसे बांटने और फायरिंग के आरोप; आप, भाजपा, कांग्रेस व अकाली वर्कर भिड़े, भाजपा नेता घायल।
तरनतारन: पोलिंग सेंटर में घुसकर असिस्टेंट प्रिसाइडिंग अफसर से बैलेट पेपर छीने; फर्जी वोटिंग के आरोपों के बाद भारी तनाव।
पठानकोट: मतदान में गड़बड़ी और धांधली के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक टकराव।
रायकोट/खन्ना: रायकोट में कांग्रेसी उम्मीदवार पर जानलेवा हमला (हालत नाजुक); खन्ना में आप और कांग्रेस समर्थकों में तीखी नोकझोंक।
गिद्दड़बाहा: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और आप समर्थकों के बीच जमकर हाथापाई; भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
पटियाला/अबोहर: पटियाला जिले के कई वार्डों में हिंसक झड़पें और तनाव; अबोहर में फर्जी वोट डालने के आरोप पर जमकर हंगामा।
मोगा/फरीदकोट: मोगा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के समर्थक भिड़े; फरीदकोट में आप और भाजपा नेताओं के बीच हिंसक झड़प।
समाना: वार्ड 19 में पुलिस और भीड़ के बीच पथराव, पुलिस का लाठीचार्ज; भगदड़ के दौरान करंट लगने से एक युवक अस्पताल में भर्ती।
एसएसपी और केंद्रीय मंत्री के बीच बहस
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने धूरी जाने से रोक दिया, जिसके बाद उनकी संगरूर की एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल के साथ तीखी बहस हुई। दरअसल, बिट्टू को सूचना मिली थी कि उनके एक समर्थक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वे इस पूरे मामले की जानकारी लेने मौके पर जाना चाहते थे, मगर पुलिस ने नाकाबंदी कर उन्हें आगे नहीं जाने दिया। बिट्टू ने एसएसपी से कहा कि वे उन्हें रोकने का वाजिब कानूनी कारण बताएं, जिसका स्पष्ट जवाब अधिकारी नहीं दे सकीं। पुलिस लगातार उन्हें ट्रैफिक जाम और कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) का हवाला देती रही, जिस पर बिफरते हुए बिट्टू ने कहा, “मैं वहां कोई झगड़ा करने नहीं जा रहा हूं। क्या मैं कोई पाकिस्तान का एजेंट हूं, जो मुझे इस तरह यहां रोक दिया गया है
अमर उजाला