केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी बीजेपी
पंजाब भाजपा ने केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में मिशन-2027 का आगाज किया है, जिसमें पार्टी सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और मालवा क्षेत्र से अभियान शुरू करेगी।
4 जून, 2026 – चंडीगढ़ : पंजाब भाजपा की कमान संभालने के बाद केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। नए प्रदेश अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह से पहले भाजपा नेताओं ने राज्य में डबल इंजन सरकार बनाने का दावा करते हुए संकेत दिया कि पार्टी इस बार सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और मालवा क्षेत्र से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि केवल सिंह ढिल्लों को ऐसे क्षेत्र से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी अपना सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ मानते हैं।
उन्होंने कहा कि बरनाला और संगरूर से भाजपा के अभियान की शुरुआत होगी और यहीं से पंजाब में राजनीतिक बदलाव की नींव रखी जाएगी। बिट्टू ने कहा कि चुनाव में अब अधिक समय नहीं बचा है और भाजपा का पूरा संगठन अगले कुछ महीनों तक लगातार जनता के बीच रहेगा।
पार्टी पंजाब के लिए तैयार किए गए रोडमैप को जमीन पर उतारेगी
उन्होंने कहा कि भाजपा में फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और एक बार नेतृत्व निर्णय ले ले तो पूरा संगठन उसके पीछे खड़ा होता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पार्टी पंजाब के लिए तैयार किए गए रोडमैप को जमीन पर उतारेगी।
बिट्टू ने दावा किया कि राज्य की जनता अब विकास और स्थिर शासन चाहती है, जिसके लिए डबल इंजन सरकार जरूरी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब में भाजपा का विस्तार तेजी से हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी। चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐसी सरकार बनाने का लक्ष्य है, जो पंजाब, पंजाबी और भाईचारे की भावना को मजबूत करे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की नीतियों और केंद्र सरकार की योजनाओं के कारण लोगों का विश्वास पार्टी की ओर बढ़ रहा है।
उधर, कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केवल सिंह ढिल्लों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ढिल्लों ने कांग्रेस में लंबे समय तक काम किया है और अब भाजपा में उनकी भूमिका को देखा जाएगा।
हालांकि रंधावा ने भाजपा के नेतृत्व परिवर्तन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस नेता ने पहले मुख्यमंत्री न बनाए जाने को लेकर खुद को हिंदू होने का मुद्दा उठाया था, उसकी जगह अब एक जट्ट सिख नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी उल्लेख किया
रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने कांग्रेस में लंबे समय तक काम किया और गांधी परिवार ने हमेशा उनका सम्मान किया। उनके अनुसार मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कैप्टन को पार्टी नहीं छोड़नी चाहिए थी, क्योंकि कांग्रेस ने उन्हें दो बार मुख्यमंत्री बनाया था। उन्होंने कहा कि कैप्टन उनके वरिष्ठनेता रहे हैं और उनके प्रति उनके मन में आज भी सम्मान है।
भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन के साथ पंजाब की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को मालवा क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
आने वाले महीनों में भाजपा का फोकस संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती और विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने पर रहेगा। इससे साफ है कि पंजाब में 2027 की चुनावी जंग के लिए राजनीतिक दलों ने अभी से मोर्चाबंदी शुरू कर दी है।
दैनिक जागरण