पंजाब सरकार पर विपक्ष का हमला तेज
01 जुलाई, 2026 – कॉमेडियन से नेता बने और आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान को अब ‘स्टेज’ चलाने और ‘राज्य’ चलाने में बहुत बड़ा अंतर समझ में आ जाना चाहिए।.
कॉमेडियन से नेता बने और आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को अब ‘स्टेज’ चलाने और ‘राज्य’ चलाने में बहुत बड़ा अंतर समझ में आ जाना चाहिए। पार्टी ने 2022 में पंजाब में सत्ता में आते ही महिलाओं के खाते में एक-एक हजार रूपये हर महीने डलवाने का वायदा किया था परंतु अब सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में इस योजना को लागू करने का दावा कर रही है तो सरकारी पजामे की जेब फटी मिली। तंगहाल सरकार अब इस योजना को लागू करने के लिए कर्ज लेने जा रही है।
13,900 का कर्ज उठाने की तैयारी
पंजाब सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 13,900 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। रिजर्व बैंक आफ इंडिया की ओर से 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा मार्केट से कर्ज उठाने के लिए जारी इंडिकेटिव कैलेंडर में इसका जिक्र किया गया है। इससे पहले पंजाब ने पहली तिमाही के दौरान 9,500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने का प्लान बनाया था, लेकिन राज्य सरकार ने करीबन 7,800 करोड़ रुपये का ही कर्ज लिया। ध्यान रहे कि पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार हर स्कीम को फाइनेंशियली बूस्ट देना चाहती है।
मावां धीयां सत्काल योजना 1 जुलाई से लागू करने का दावा
दावा किया जा रहा है कि मावां धीया सत्कार योजना 1 जुलाई से शुरू हो रही है, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को एक हजार रूपये व अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष में 9,300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। पंजाब में विपक्षी पार्टियों ने कर्ज के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और कर्ज को चुनावी मुद्दा बनाए जाने की संभावना है।
दूसरी तिमाही में पंजाब सरकार उठाएगी करोड़ों का कर्ज
जानकारी के मुताबिक दूसरी तिमाही में पंजाब सरकार जुलाई महीने के दौरान 5,500 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। इसी तरह, सरकार अगस्त महीने में 3,500 करोड़ रुपये और सितंबर महीने में 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी। यह कर्ज मुख्य रूप से योजनागत और विकास प्रोजेक्टों के लिए कैपिटल खर्च के तौर पर उठाया जा रहा है।
क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़े?
आरबीआइ के मुताबिक दूसरी तिमाही के दौरान देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कुल 3.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने हैं, जिसमें पंजाब का हिस्सा 4.35 प्रतिशत है। आरबीआई के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान पड़ोसी राज्य हरियाणा सरकार 19,000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज उठाएगी, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार 2,100 करोड़ रुपये का लोन उठाएगी।
कर्ज बढ़ रहा अमरबेल की तरह ध्यान रहे कि वर्ष 2022 में पंजाब का कुल कर्ज 2.82 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया था, जबकि 31 मार्च 2027 तक यह कर्ज 4.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा शुरू से कहते आ रहे हैं कि विरासत में मिले कर्ज को चुकाने के लिए ही कर्ज लिया जा रहा है।
चुनाव को सामने देख कर दरिया दिल हुई सरकार
वह फाइनेंशियल सुधारों की भी बात करते हैं। यह भी तर्क दिया जाता है कि वह तय लिमिट में ही कर्ज ले रहे हैं। मावां धीयां सत्कार योजना के अलावा पंजाब सरकार मेरी रसोई स्कीम के तहत हर घर में फ्री राशन भी भेज रही है। 15 अगस्त से सरपंचों को सैलरी मिलना शुरू होने से करीब 158 करोड़ रुपये का सालाना खर्च और बढने वाला है। पंजाब में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और चुनाव के मद्देनजर कंगाली की हालत में भी सरकार दरियादिल होती दिख रही है।
पांचजन्य