इतिहास में तीन बार प्रतिबंध झेल चुका है संघ
RSS History: 12 जुलाई 1949 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद RSS पर लगा पहला प्रतिबंध 16 महीने बाद हटा लिया गया था। इसके लिए संघ ने सरकार की कई शर्तें स्वीकार की थीं। स्वतंत्र भारत के इतिहास में RSS पर अब तक तीन बार—1948, 1975 और 1992 में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। जानिए हर बार बैन की वजह क्या थी और कब हटाया गया।
13 जुलाई, 2026 – नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास में 12 जुलाई का दिन बेहद अहम माना जाता है। आज ही के दिन 1949 में संघ पर लगा पहला प्रतिबंध हटा लिया गया था। महात्मा गांधी की हत्या के बाद 4 फरवरी 1948 को तत्कालीन सरकार ने RSS पर बैन लगाया था। करीब 16 महीने तक प्रतिबंध झेलने के बाद सरकार की कुछ शर्तें मानने पर संघ को फिर से काम करने की अनुमति मिली। हालांकि, यह पहला मौका नहीं था जब संघ विवादों में आया। आजादी के बाद अब तक तीन बार RSS पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
महात्मा गांधी की हत्या के बाद लगा था पहला बैन
30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली की प्रार्थना सभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद तत्कालीन सरकार ने RSS पर संदेह जताते हुए कार्रवाई की। 4 फरवरी 1948 को संघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया और तत्कालीन सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर (गुरुजी) को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में अदालत में संघ की प्रत्यक्ष संलिप्तता सिद्ध नहीं हुई।
सरदार पटेल की शर्तों के बाद हटा प्रतिबंध
करीब 16 महीने बाद तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ बातचीत के बाद संघ ने कुछ शर्तें स्वीकार कीं। इनमें लिखित संविधान तैयार करना, उसे सार्वजनिक करना, संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाना और सक्रिय राजनीति से दूर रहना शामिल था। इन शर्तों को स्वीकार करने के बाद 11 जुलाई 1949 को प्रतिबंध हटाने का आदेश जारी हुआ, जिसके बाद 12 जुलाई 1949 से संघ ने दोबारा अपना कामकाज शुरू किया।
आपातकाल में दूसरी बार लगा बैन
RSS पर दूसरा प्रतिबंध 4 जुलाई 1975 को लगाया गया। उस समय देश में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से आपातकाल लागू किया गया था। बिहार और गुजरात से शुरू हुए छात्र आंदोलन और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चल रहे विरोध आंदोलन के बीच सरकार ने कई संगठनों पर कार्रवाई की। इसमें RSS भी शामिल था। उस समय बाला साहेब देवरस संघ के सरसंघचालक थे। यह प्रतिबंध 1977 में आपातकाल समाप्त होने के बाद हटा लिया गया।
बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद तीसरा प्रतिबंध
RSS पर तीसरी बार प्रतिबंध दिसंबर 1992 में लगाया गया। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संघ समेत कई संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में मामले की सुनवाई के दौरान एक न्यायाधिकरण ने प्रतिबंध को उचित नहीं माना, जिसके बाद 1993 में इसे वापस ले लिया गया।
1925 में हुई थी RSS की स्थापना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 27 सितंबर 1925 (विजयदशमी) के दिन नागपुर में की थी। शुरुआत एक छोटे स्वयंसेवक समूह से हुई थी, लेकिन समय के साथ संघ का विस्तार पूरे देश में हो गया। इसी वजह से संघ हर वर्ष विजयदशमी के अवसर पर अपना स्थापना दिवस मनाता है।
तीन बार प्रतिबंध, लेकिन हर बार फिर हुई वापसी
स्वतंत्र भारत के इतिहास में RSS पर कुल तीन बार प्रतिबंध लगाया गया-पहली बार 1948, दूसरी बार 1975 और तीसरी बार 1992 में। तीनों ही मामलों में कुछ समय बाद प्रतिबंध हटा लिया गया और संघ ने अपना संगठनात्मक कार्य दोबारा शुरू किया। इन घटनाओं को संघ के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है।
आज भी इतिहास में दर्ज है 12 जुलाई
12 जुलाई केवल एक तारीख नहीं, बल्कि RSS के इतिहास का अहम पड़ाव है। 1949 में इसी दिन पहला प्रतिबंध हटने के बाद संघ ने नए संविधान और संगठनात्मक ढांचे के साथ अपनी गतिविधियां दोबारा शुरू की थीं। इसके बाद संघ पर दो और बार प्रतिबंध लगे, लेकिन हर बार कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद संगठन फिर सक्रिय हो गया।
नवभारत टाइम्स