पांचवां भारतीय विमान रवाना; विदेश मंत्री ने दी जानकारी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर भारत लगातार नेपाल की मदद में जुटा हुआ है। इसी क्रम में अब भारत ने मदद के तौर पर पांचवीं खेप भेज दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे लेकर जानकारी दी है। भारत की ओर से 5वें विमान के साथ 11 सदस्यों की रेस्क्यू टीम भी साथ गई है।
03 सितंबर, 2026 – नई दिल्ली: भारत ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और आपदा से राहत के लिए अपना पांचवां विमान भी राहत सामग्री और विशेष रेस्क्यू टीम के साथ रवाना कर दिया है। इस मदद को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि भारत की ओर से 5.5 टन जरूरी दवाइयां, विशेष बचाव उपकरण और 11 सदस्यों की एक विशेष रेस्क्यू टीम लेकर पांचवां विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है।
इससे पहले भारत मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) के तहत नेपाल को कुल 4 खेप भेज चुका है, जिसमें लगभग 57.5 टन से अधिक राहत सामग्री, जनरेटर, मेडिकल टीमें, और खोज-बचाव दल शामिल रहे हैं। भारत सरकार एनडीआरएफ (NDRF) के विशेषज्ञों और जरूरी उपकरणों के साथ नेपाल में फंसे लोगों को निकालने और बुनियादी संपर्क बहाल करने में लगातार मदद कर रहा है।
भारत ने नेपाल को अब तक कौन-कौन सी मदद भेजी
- भारत ने 19 सदस्यों वाली 6 फोरेंसिक टीमों को नेपाल की राजधानी काठमांडू भेजा है। ये टीमें शवों के डीएनए सैंपलिंग और उनकी पहचान सुनिश्चित करने में नेपाल के प्रशासन की मदद कर रही हैं।
- भारत ने 230 फीट लंबा सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज बनाने के लिए 16 ट्रक उपकरण नेपाल पहुंचाए हैं।
- संपर्क मार्गों को तुरंत चालू करने के लिए 7 अतिरिक्त बेली ब्रिज और उन्हें जल्द इंस्टॉल करने के लिए तकनीकी दल भी भेजे जा रहे हैं।
- 24/7 कंट्रोल रूम: भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल-चीन सीमा और प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए काठमांडू और बीजिंग में राउंड-द-क्लॉक हेल्पलाइन शुरू की।
- भारत ने विशिष्ट उपकरणों से लैस 13 सदस्यीय विशेषज्ञ सेना टीम को टनल ऑपरेशन्स के लिए भेजा।
- खोज और बचाव दल: NDRF के विशेषज्ञों और हाई-टेक खोज उपकरणों वाली तकनीकी टीमों को जमीनी राहत कार्य मजबूत करने के लिए उतारा गया।
नेपाल में बाढ़ से अब तक 1127 लोगों की मौत
नेपाल पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के चलते अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 4000 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारत समेत कई अन्य देशों की तरफ से मदद भेजी जा रही है। यह आपदा चीन-नेपाल सीमा के पास एक ग्लेशियर फटने के कारण आई थी।
नवभारत टाइम्स