पंजाब के हक के फंड में न कटौती, न भेदभाव
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पंजाब को फंड जारी न करने और भेदभाव के आम आदमी पार्टी के आरोपों को खारिज किया है।
22 सितंबर, 2026 – चंडीगढ़ : पंजाब में केंद्र सरकार की ओर से फंड जारी न करने और राज्य के साथ भेदभाव के आम आदमी पार्टी सरकार के आरोपों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा पलटवार किया है।
उन्होंने साफ कहा कि केंद्र किसी भी राज्य के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करता, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हो या अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़े। राज्यों को उनके अधिकार के अनुसार मिलने वाली राशि में कोई कटौती नहीं की जाती और भुगतान समय पर जारी किए जाते हैं।
पंजाब सरकार की ओर से केंद्र पर लगाए जा रहे आरोपों पर वित्त मंत्री ने कहा कि वह पूरे विश्वास के साथ यह बात कहीं भी कह सकती हैं कि किसी राज्य के हक के फंड में कटौती नहीं की जाती। उन्होंने ऐसे आरोपों को निराधार बताया।
साथ ही कहा कि संभवत: पंजाब में चुनाव नजदीक आने के कारण आम आदमी पार्टी की ओर से इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, ताकि अपनी सरकार के प्रदर्शन से जुड़े सवालों से ध्यान हटाया जा सके।
पंजाब के फंड को लेकर लगातार टकराव
पंजाब सरकार और केंद्र के बीच राज्य को मिलने वाले विभिन्न फंड को लेकर पहले भी कई बार टकराव सामने आ चुका है। आम आदमी पार्टी सरकार केंद्र पर पंजाब के साथ भेदभाव करने और राज्य के हिस्से की राशि रोकने के आरोप लगाती रही है।
दूसरी ओर केंद्र सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान से एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
सीतारमण ने कहा कि किसी भी राज्य के साथ ऐसा नहीं किया जाता कि उसके अधिकारों का नुकसान हो। केंद्र की ओर से राज्यों के लिए निर्धारित राशि को लेकर भुगतान प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है। उन्होंने पंजाब सरकार से जुड़े आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए अपनी सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही।
राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भी टिप्पणी
इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हुई नकल को लेकर भी सीतारमण ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार खराब स्वाद वाला और लोकसभा में विपक्ष के नेता के संवैधानिक पद की गरिमा के प्रति असम्मानजनक है।
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए जरूरी है, लेकिन किसी का इस तरह मजाक उड़ाना उचित नहीं है। विपक्ष के नेता को ऐसे लोगों के साथ खड़े होकर इस व्यवहार को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए था।
UPI के MDR पर भी दी सफाई
UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि 2000 रुपये से कम के लेनदेन पर यह लागू नहीं होता। यह न टैक्स है और न सेस। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे मिलने वाली राशि भारत की संचित निधि में जमा नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि यह शुल्क सेवा प्रदाताओं के बीच होता है, जिसका उद्देश्य भुगतान प्रणाली को बेहतर बनाना और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसका बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद में भी इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।
वित्त मंत्री ने विपक्ष पर इस मुद्दे को लेकर गलत धारणा फैलाने का आरोप लगाते हुए लोगों से ऐसी सूचनाओं को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
दैनिक जागरण