बैन के बाद भी करोड़ों का व्यापार, भारत ने नहीं दिया भाव
India Pakistan : भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है लेकिन पाकिस्तान का आयात भी इंडिया से बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान भारत से सामान मंगाए बिना रह नहीं पा रहा है। यह व्यापार सिंगापुर और दुबई के रास्ते हो रहा है।
30 अक्टूबर, 2026 – इस्लामाबाद: ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जलसंधि के निलंबित किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग का दौर जारी है। पाकिस्तान की ओर से शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख असीम मुनीर समेत बड़े नेता लगातार भारत को जंग की धमकी दे रहे हैं। वहीं पाकिस्तानी थिंक टैंक और एक्सपर्ट भारत के रक्षा तैयारी और परमाणु बम की सबमरीन पर तैनाती से डरे हुए हैं। पाकिस्तान ने भारत के जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद भारत के साथ व्यापार को बंद कर दिया था। यही नहीं ऑपरेशन सिंदूर के बाद साल 2025 में तीसरे देश के रास्ते भारत संग व्यापार को पाकिस्तान ने बंद कर दिया था। पाकिस्तान का यह दांव बुरी तरह से फेल साबित हुआ है। पाकिस्तान ने जुलाई से सितंबर 2026 के बीच में व्यापार में 68.9 प्रतिशत की तेजी आई है।
पाकिस्तान के ताजा व्यापार रेकॉर्ड से शहबाज शरीफ सरकार की नाकामी की पोल खुल गई है। पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का नौ देशों अफगानिस्तान, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, भारत, ईरान, नेपाल, भूटान और मालदीव को निर्यात घट गया है। अफगानिस्तान की सीमा बंद करने के कारण पाकिस्तान को व्यापार में भारी घाटा हो रहा है। वहीं ईरान से पाकिस्तान का तनाव चल रहा है। भारत को निर्यात की बात करें तो हिंदुस्तान से पाकिस्तान ने अपना आयात बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान का भारत से बढ़ा आयात
डॉन ने बताया कि भारत से पाकिस्तान का आयात 68.90 प्रतिशत बढ़ गया है जो अब 61.74 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह पिछले साल 36.55 मिलियन डॉलर था। वहीं भारत को निर्यात की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में पाकिस्तान की ओर से भारत को कोई निर्यात नहीं किया गया। इस तरह पाकिस्तान जहां भारत के सामान के बिना रह नहीं पा रहा है, वहीं भारत को पाकिस्तानी सामानों की कोई जरूरत नहीं है। हाल ही में भारत ने सेंधा नमक की एक बड़ी खेप को पकड़ा था जो पाकिस्तान से तीसरे देश के रास्ते लाई जा रही थी। भारत ने सख्त ऐक्शन लेते हुए पाकिस्तानी नमक को जब्त कर लिया था।
पाकिस्तान के भारत से आयात से अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अगर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार बंद है तो किस रास्ते से इस्लामाबाद भारत से यह सामान मंगा रहा है। पाकिस्तान कैसे भारतीय आयात का रेकॉर्ड रख रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान सिंगापुर और दुबई के रास्ते भारत से सामान मंगा रहा है। इसमें पाकिस्तान को ज्यादा खर्च पड़ रहा है लेकिन भारतीय सामान उसकी मजबूरी हैं। पाकिस्तान भारत से जीवनरक्षक दवाएं मंगा रहा है जिसका उसके पास कोई विकल्प नहीं है।
जयशंकर ने पाकिस्तान को बता दी शर्त
विश्लेषकों के मुताबिक पाकिस्तान अगर भारत से व्यापार करता है तो उसे काफी फायदा होगा। वहीं भारतीय वि देश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कह दिया है कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य रिश्ते बनाना चाहता है लेकिन आतंकवाद की कीमत पर नहीं। जयशंकर का इशारा साफ है कि आतंकवाद को प्रयोजित करना बंद करने पर ही पाकिस्तान से बातचीत होगी। भारत और पाकिस्तान में पहले वाघा-अटारी बॉर्डर क्रॉसिंग से व्यापार होता था लेकिन यह अभी बंद है। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए हवाई स्पेस को बंद कर रखा है जिससे भारतीय विमान कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत और पाकिस्तान के जहाज भी एक दूसरे के बंदरगाह पर नहीं जा सकते हैं।
भारतीय सामान के आगे पाकिस्तान ने टेके घुटने
ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि को निलंबित किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और जुबानी जंग के साथ-साथ व्यापारिक मोर्चे पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान ने भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अगस्त 2019 में भारत के साथ प्रत्यक्ष व्यापारिक संबंध लगभग समाप्त कर दिए थे। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद वर्ष 2025 में पाकिस्तान ने तीसरे देशों के माध्यम से भारत के साथ होने वाले अप्रत्यक्ष व्यापार पर भी रोक लगाने का फैसला किया था।
हालांकि, पाकिस्तान की इन पाबंदियों का असर उसकी अपनी अर्थव्यवस्था पर पड़ता दिखाई दे रहा है। भारत के साथ व्यापार बंद करने के बावजूद पाकिस्तान को क्षेत्रीय व्यापार में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है। इसके उलट उसके कई पड़ोसी देशों को होने वाले निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पाकिस्तान की व्यापारिक नीति और शहबाज शरीफ सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पाकिस्तान की व्यापारिक नीति को लगा झटका, भारत से आयात में 68.9% की बढ़ोतरी
पाकिस्तान के ताजा व्यापारिक आंकड़ों ने शहबाज शरीफ सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान ने जिन देशों के साथ क्षेत्रीय व्यापार को लेकर कई तरह की चुनौतियों का सामना किया है, उनमें भारत भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि भारत के साथ व्यापारिक संबंधों पर रोक लगाने के बावजूद पाकिस्तान के भारत से आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच पाकिस्तान का भारत से आयात 68.90 प्रतिशत बढ़कर 61.74 मिलियन डॉलर पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 36.55 मिलियन डॉलर था। हालांकि, इस दौरान पाकिस्तान की ओर से भारत को कोई निर्यात दर्ज नहीं किया गया।
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नौ पड़ोसी देशों के साथ बढ़ा व्यापार घाटा
पाकिस्तान के लिए चिंता की बात यह है कि उसके नौ पड़ोसी देशों के साथ व्यापार घाटे में भी भारी वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान यह घाटा 26.62 प्रतिशत बढ़कर 4.97 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 3.93 अरब डॉलर था।
रिपोर्ट के अनुसार, इन नौ देशों में अफगानिस्तान, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, भारत, ईरान, नेपाल, भूटान और मालदीव शामिल हैं। इन देशों को पाकिस्तान का कुल निर्यात 6.72 प्रतिशत घटकर 944.24 मिलियन डॉलर रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1.01 अरब डॉलर था।
इसके विपरीत, इन देशों से पाकिस्तान का आयात 19.79 प्रतिशत बढ़कर 5.92 अरब डॉलर हो गया। आयात और निर्यात के बीच बढ़ते अंतर ने पाकिस्तान के व्यापार घाटे को और गंभीर बना दिया है।
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चीन से बढ़ते आयात ने भी बढ़ाई मुश्किल
पाकिस्तान के व्यापार घाटे में चीन की बड़ी भूमिका सामने आई है। जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान चीन से पाकिस्तान का आयात 19.76 प्रतिशत बढ़कर 5.82 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं, चीन को पाकिस्तान का निर्यात 17.95 प्रतिशत बढ़कर 663.57 मिलियन डॉलर रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के साथ पाकिस्तान का व्यापार घाटा 858.8 मिलियन डॉलर बढ़ा, जो नौ देशों के साथ कुल व्यापार घाटे में हुई वृद्धि का लगभग 82.18 प्रतिशत है।
अफगानिस्तान के साथ सीमा बंद होने का असर
अफगानिस्तान के साथ भी पाकिस्तान का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 10 अक्टूबर 2025 से दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमा संबंधी व्यवधानों का असर पाकिस्तान के निर्यात पर पड़ा है। जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान अफगानिस्तान को पाकिस्तान का निर्यात 88.34 प्रतिशत गिरकर केवल 18.86 मिलियन डॉलर रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 161.76 मिलियन डॉलर था।
बांग्लादेश को पाकिस्तान का निर्यात भी 2.96 प्रतिशत घटकर 174.77 मिलियन डॉलर रह गया। श्रीलंका को होने वाले निर्यात में भी गिरावट दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय व्यापारिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते सीमित करने और पड़ोसी देशों के साथ तनावपूर्ण संबंधों का असर उसकी अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।
निष्कर्ष: पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को सीमित करने की नीति अपनाई, लेकिन उसके अपने आयात आंकड़े बताते हैं कि भारतीय सामान की मांग पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। वहीं, पड़ोसी देशों के साथ बढ़ता व्यापार घाटा शहबाज शरीफ सरकार के सामने एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन गया है।
स्रोत: डॉन, 27 अक्टूबर 2026। आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के हैं।
एक जरूरी तथ्यात्मक सुधार: 68.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी पाकिस्तान के भारत से आयात में हुई है, कुल व्यापार में नहीं। इसलिए खबर का शीर्षक आकर्षक रखते हुए भी यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आंकड़े भारत को निर्यात बंद होने और भारत से आयात बढ़ने की स्थिति दिखाते हैं।
नवभारत टाइम्स