नशा रोकने को लेकर हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा सवाल
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम लगाने में विफल रहने पर पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
09 मई, 2026 – चंडीगढ़ : पंजाब में बढ़ते नशे के कारोबार व इस्तेमाल पर लगाम लगाने में पंजाब सरकार की नाकामी पर पाकिस्तान व ISI का नाम लेते ही हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या हर समस्या के लिए पाकिस्तान और ISI जिम्मेदार हैं, आपने नशा तस्करी रोकने के लिए क्या किया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इनका नाम इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि हम उनसे जवाब नहीं मांग सकते।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट यहां खुलेआम चिट्टा बिकता है पर स्वतःसंज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत हलफनामा तलब किया था। कोर्ट ने पूछा था कि इस घटना के प्रकाश में तत्काल क्या कार्रवाई की गई, पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए क्या उपाय लागू किए जा रहे हैं और भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनें इसके लिए क्या तंत्र विकसित किया गया है।
नशे से हो रही युवाओं की मौत
कोर्ट ने कहा यह रिपोर्ट बठिंडा जिले के गांव मौर कलाँ की उस गंभीर स्थिति को उजागर करती है जहां ग्रामीणों ने खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री का आरोप लगाते हुए दीवारों पर काले रंग से संदेश लिखे। ग्रामीणों ने उन घरों की दीवारों पर उंगली उठाई जहां वे कथित तौर पर ड्रग नेटवर्क होने का दावा करते हैं। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि एक युवा की संदिग्ध ओवरडोज से मौत के बाद लोगों का धैर्य जवाब दे गया।
शुक्रवार को पंजाब सरकार ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक मौर कलां में कुल 82 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 152 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे बठिंडा में कुल 1673 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
नशे पर क्यों नहीं लगी लगाम?
कोर्ट ने कहा कि बठिंडा बॉर्डर एरिया नहीं है तो आखिरकार पंजाब सरकार नशे पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रही है। कोर्ट ने अब पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही इन एफआईआर में जांच की स्थिति और चालान को लेकर भी सरकार को जवाब देना होगा।
दैनिक जागरण