अमेरिका में भारतवंशियों का सवा लाख करोड़ का निवेश; कितना रोजगार सृजन किया?
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने 12.5 अरब डॉलर का निवेश कर 12,500 नौकरियां पैदा की हैं। होटल उद्योग से लेकर हेल्थकेयर तक उनकी कारोबारी मौजूदगी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रही है। आव्रजन और एच-1बी वीजा पर बहस के बीच ये आंकड़े भारतीय प्रवासियों की आर्थिक भूमिका के बारे में क्या बताते हैं?
22 अक्टूबर, 2026 – न्यूयॉर्क : अटलांटा स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी राज्यों में लगभग 4.5 लाख भारतीय-अमेरिकियों ने 12.5 अरब डॉलर (करीब 1.18 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश किया है। इस निवेश के जरिये अमेरिका में स्थानीय स्तर पर लगभग 12,500 नौकरियां पैदा हुई हैं।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों देशों के बीच लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम दौर में है। ट्रंप प्रशासन की आव्रजन तथा एच-1बी वीजा नीतियों पर बहस छिड़ी हुई है और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं।
चार प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय-अमेरिकी उद्यमियों का बोलबाला
दूतावास के अनुसार, अटलांटा, नैशविले, ग्रीनविले, बर्मिंघम, टाम्पा, जैक्सनविले, मियामी और ऑरलैंडो जैसे प्रमुख शहरों में भारतीय-अमेरिकी केवल व्यवसाय नहीं चला रहे, बल्कि समुदायों का निर्माण कर रहे हैं।
| क्षेत्र | कुल निवेश | प्रतिष्ठान | स्थानीय प्रभाव |
| होटल उद्योग | 91,200 करोड़ रुपये | 2,000 से अधिक | पर्यटन व रोजगार की रीढ़ |
| रिटेल | 14,250 करोड़ रुपये | 3,000 से अधिक छोटे व्यवसाय | आपूर्ति श्रृंखला में योगदान |
| रियल एस्टेट | 12,350 करोड़ रुपये | 5,000 से अधिक रियल एस्टेट संपत्तियां | आवास व बुनियादी ढांचे में पूंजी |
| हेल्थकेयर | 950 करोड़ रुपये | 400 से अधिक अस्पताल व क्लीनिक | प्राथमिक व विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं |
रोजगार देने वाला भारतीय समुदाय
चुनावी राजनीति और आव्रजन पर छिड़ी बहसों के बीच भारतीय-अमेरिकी प्रवासियों का यह 12.5 अरब डॉलर का निवेश और हजारों नौकरियों का सृजन इस बात का सबूत है कि भारतीय समुदाय केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला भी है।
मुंबई में मार्को रुबियो और डॉ. जयशंकर की वार्ता केवल दो सरकारों के बीच कूटनीतिक संवाद नहीं है, बल्कि उस आर्थिक और तकनीकी साझेदारी पर मुहर लगाने का अवसर है, जिसकी मजबूत बुनियाद दोनों देशों के प्रवासियों और उद्यमियों ने अपने पसीने और पूंजी से तैयार की है।
ट्रंप प्रशासन के दावों से विपरीत तस्वीर
ये आधिकारिक आंकड़े ट्रंप प्रशासन के उन दावों को सीधे चुनौती देते हैं, जिनमें अमेरिकी नियोक्ताओं पर एच-1बी वीजा के जरिये स्थानीय कामगारों को बदलने का आरोप लगाया जाता है।
■ प्यू रिसर्च के अनुसार, अमेरिका में लगभग 52 लाख भारतीय-अमेरिकी रहते हैं।
■ 2023 में भारतवंशी परिवारों की औसत वार्षिक आय 1,51,200 डॉलर (करीब 1.43 करोड़ रुपये) रही, जो अन्य समुदायों से काफी अधिक है।
■ भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
■ भारत के एस्सार ग्रुप समर्थित मेसाबी मैटेलिक्स ने मिनेसोटा और आयोवा में 18 अरब डॉलर के विशाल स्टील कॉम्प्लेक्स का एलान किया है।
अमर उजाला