पुलिस प्रशासन कड़ी जोड़ने में लगा
उधम सिंह नगर के तराई क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित धर्मांतरण गतिविधियों का मामला सामने आया है। अमृतसर से फंडिंग की सूचना पर SIT जांच चल रही है।
15 मई, 2026 – उधम सिंह नगर: तराई क्षेत्र में फैले ईसाई मिशनरियों के जाल का एक सिरे पर पंजाब के अमृतसर का होना सामने आ रहा है यहां से मिशनरियों को फंडिंग होने की सूचनाओं पर पुलिस प्रशासन जांच पड़ताल कर रहा है।
SSP अजय गणपति के मुताबिक धर्मांतरण विषयों पर पुलिस प्रशासन की SIT जांच पड़ताल कर रही है। उन्होंने बताया कि कौन-कौन धर्मांतरण कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उलंघन कर रहा है इस बारे में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक, प्रशासन धर्मांतरण के लिए प्रार्थना सभाओं का आयोजन करने वाली संस्थाओं के रिकार्ड खंगालेगी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने धर्म बदला या ये कहा जा रहा है कि हमने पूजा पद्धति बदली है उनको आरक्षण सम्बन्धी दस्तावेजों से वंचित किया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक, नानकमत्ता सितारगंज क्षेत्र में बड़ी संख्या में राय सिख रहते है जिनके बीच मिशनरियों की गतिविधियां देखी जा रही है। उधर दूसरी ओर ऊधम सिंह नगर के गदरपुर तहसील क्षेत्र स्थित बुढ़िया कॉलोनी मजरा शीला, रामजीवनपुर में कथित धर्म परिवर्तन और अवैध रूप से प्रार्थना सभागार संचालित किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सनातन संगठन के कार्यकर्ता एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जिलाधिकारी के नाम अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा धर्मांतरण
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार धर्मांतरण जैसी गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। ज्ञापन में मांग की गई कि कथित रूप से अवैध प्रार्थना सभागार चलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। धर्मांतरण के विरोध में उतरे समाजसेवी संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभाओं में सनातन धर्म और देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काऊ बातें कही जा रही हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। इस दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही।
वहीं अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। तराई के जनजाति क्षेत्र में सेवा कार्य में जुटे वनवासी कल्याण आश्रम के द्वारा भी प्रशासन को चेताया गया है कि तराई क्षेत्र में प्रार्थना सभाओं के जरिए प्रलोभन देकर कन्वर्जन का खेल चल रहा है, थारू बुक्सा और राय सिखों में मिशनरियों की गतिविधियां,सामाजिक और आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है। आश्रम के देव सिंह राणा, मनोज रघुवंशी, मुकेश सिंह, हीरा सिंह आदि ने प्रशासन को शिकायत दर्ज करवाई है कि मिशनरियों द्वारा प्रलोभन दिये जा रहे हैं और हिन्दू धर्म के विरुद्ध लोगों को भड़काया जा रहा है।
पांचजन्य