बॉर्डर पर अवैध प्रवासियों के ‘एनकाउंटर’ में बड़ी गिरावट
अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से प्रवेश करने (डंकी मारने) के मामले हालिया वर्षों में तेजी से बढ़े थे। इसे डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव का मुद्दा बनाया था और सरकार में आने के बाद इस तरफ सख्ती बरतने के ऐलान भी किए थे।
20 जुलाई, 2026 – वॉशिंगटन: भारत से अमेरिका में होने वाले अवैध प्रवास में इस साल तेजी से कमी आई है। अमेरिकी बॉर्डर अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2026 में मई के महीने तक भारतीय प्रवासियों के साथ 20,614 एनकाउंटर (अवैध रूप से अमेरिका आने वालों को पकड़ना) दर्ज किए हैं। यह संख्या वित्त वर्ष 2023 में इसी अवधि (मई तक) की तुलना में 69 प्रतिशत कम है। साल 2023 में भारत से अमेरिका में अवैध रूप से जाने के सबसे ज्यादा मामले हुए थे। 2023 में अमेरिकी बॉर्डर पर भारतीयों के साथ 67,000 से ज्यादा एनकाउंटर दर्ज हुए थे।
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) के डाटा विश्लेषण से पता चलता है कि अमेरिका की दोनों जमीनी सीमाओं पर अवैध रूप से घुसने के मामलों में गिरावट आई है। मेक्सिको से दक्षिण-पश्चिमी सीमा पार करने की कोशिश करने वाले भारतीय प्रवासियों के साथ एनकाउंटर में 99% की कमी आई है। वहीं कनाडा के साथ उत्तरी सीमा पर ऐसे मामलों में 91% की गिरावट आई है।
क्या कहता है डाटा
CBP अक्टूबर से सितंबर तक के डेटा को ट्रैक करता है, जो अमेरिकी सरकार का वित्त वर्ष है। अक्टूबर 2025 और मई 2026 के बीच इसने देश में भारतीय प्रवासियों के साथ 20,614 एनकाउंटर दर्ज किए, जो वित्त वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान 29,000 थे। वित्त वर्ष 2023 में अक्टूबर और मई के बीच इसी तरह की 8 महीने की अवधि में भारतीय प्रवासियों से जुड़े एनकाउंटर की संख्या बढ़कर 67,212 हो गई थी।
इस गिरावट का मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियां हैं। निस्कानेन सेंटर के गिल्बर्ट गुएरा के अनुसार, अमेरिकी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासियों को शरण देने से इनकार करना इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण रहा है। इसमें सबसे ज्यादा गिरावट अमेरिका की जमीनी सीमाओं पर देखी गई है।
2026 के मई महीने तक दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर भारतीय प्रवासियों के साथ 417 एनकाउंटर दर्ज किए गए, जो 2023 की इसी अवधि में हुए 30,109 एनकाउंटर के मुकाबले 99% कम हैं। उत्तरी सीमा पर अधिकारियों ने 2,250 एनकाउंटर दर्ज किए, जो 2024 की इसी अवधि के मुकाबले 91% कम हैं ; सीबीपी
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
भारत से आने वाले अवैध प्रवासियों के बारे में गिल्बर्ट गुएरा कहते हैं, ‘लोगों को यह एहसास दिलाना जरूरी है कि इन रास्तों (अवैध तरीकों) से आने पर उन्हें अच्छे नतीजे मिलने की संभावना नहीं है। इस तरह से समझाने का असर होता है क्योंकि ये यात्राएं महंगी होती हैं। ये ऐसी यात्राएं नहीं हैं, जिन्हें लोग बार-बार आजमा सकें।
गुएरा ने बताया है कि उत्तरी सीमा से पार करने वालों की संख्या तुलनात्मक रूप से काफी ज्यादा बनी हुई है। इसकी वजह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कनाडा में मैक्सिको के उलट बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इससे यह प्रवासियों के लिए एक ज्यादा आकर्षक ट्रांजिट पॉइंट बन जाता है।
नवभारत टाइम्स