25 जून, 2026 – चण्डीगढ़-पंजाब : मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी पात्र मतदाता की मैपिंग घर-घर सर्वे के दौरान नहीं हो पाती है तो उसे दावे और आपत्तियों की अवधि में नोटिस जारी किया जाएगा।
पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया आज शुरू हो रही है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म देंगे और भरे हुए फॉर्म वापस लेंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म भरना जरूरी होगा क्योंकि इसी के आधार पर यह पुष्टि की जाएगी कि संबंधित व्यक्ति पंजाब का वैध मतदाता है। फॉर्म जमा नहीं करने पर नाम अंतिम मतदाता सूची से बाहर हो सकता है।
BLO घर-घर जाकर फॉर्म करेंगे वितरित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि SIR के पहले चरण में BLO घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और मतदाताओं को उसे भरने में सहायता भी देंगे। इसके बाद भरे हुए फॉर्म एकत्र करने के लिए दोबारा घरों का दौरा किया जाएगा। यह प्रक्रिया 25 जून से 24 जुलाई तक चलेगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी घर से फॉर्म प्राप्त नहीं होता है तो संबंधित BLO तीन बार तक वहां जा सकता है। प्रत्येक दौरे का रिकॉर्ड रखा जाएगा और घर पर सूचना संबंधी स्टिकर भी लगाया जाएगा ताकि मतदाता को प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
ग्राउंड में उतरेंगे 24 हजार से अधिक BLO
पंजाब में इस अभियान के लिए 24,453 BLO तैनात किए गए हैं जो 2.14 करोड़ से अधिक मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। अब तक 1.84 करोड़ मतदाताओं यानी 86.02 प्रतिशत की प्री-मैपिंग पूरी की जा चुकी है जबकि करीब 30 लाख मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है। इसी दौरान मतदान केंद्रों के रेशनलाइजेशन का कार्य भी पूरा किया जाएगा। मतदाता सूची का प्रारूप तीन अगस्त को प्रकाशित होगा।
CEO ने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर SIR प्रक्रिया की जानकारी साझा की जा चुकी है। दलों से मिले कई सुझावों को भी शामिल किया गया है। सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को BLO से नियमित फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं।
दावे-आपत्तियों के लिए दो माह का मौका
मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद तीन अगस्त से दो सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची एक अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी। चुनाव कर्मचारियों और बूथ लेवल एजेंटों का प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया गया है।
मैपिंग नहीं हुई तो मिलेगा नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि किसी पात्र मतदाता की मैपिंग घर-घर सर्वे के दौरान नहीं हो पाती है तो उसे दावे और आपत्तियों की अवधि में नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकेगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक ईआरओ तैनात रहेगा जो इस प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
एक से अधिक जगह वोट बनवाना अपराध
CEO अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थानों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत पाया जाता है तो यह दंडनीय अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एक वर्ष तक की सजा हो सकती है। चुनाव आयोग इस संबंध में विशेष निगरानी रखेगा।
अमर उजाला