अमेरिका से डिपोर्ट गुरकीरत सिंह समेत तीन आरोपियों को होशियारपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गुरपतवंत सिंह पन्नू के कहने पर 50 हजार रुपये लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति खंडित करने की साजिश का खुलासा।
21 अप्रैल, 2026 – अमेरिका से डिपोर्ट आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकरमें डा. भीम राव आंबेडकर की मूर्ति को खंडित किया था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अपने साथी की मदद से 50 हजार रुपये का लालच देकर इस घटना को अंजाम दिलाया था। आरोपितों ने 30 मार्च की रात प्रतिमा को खंडित किया था। अगले दिन सुबह पन्नू ने इंटरनेट पर वीडियो जारी करके इसकी जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद थाना माहिलपुर की पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपितों की तलाश शुरू कर दी थी।
मास्टरमाइंड को अमेरिका से किया गया डिपोर्ट
शनिवार को पुलिस लाइन होशियारपुर में पत्रकारों से बातचीत में एसएसपी डॉ. संदीप मलिक ने बताया कि मुख्य आरोपित गुरकीरत सिंह होशियारपुर के बड़ियांकला के रहने वाला है। वह साल 2023 में अमेरिका गया था। बाद में उसे अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया था। एसएसपी ने बताया कि मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी (डी) मनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। डीएसपी गढ़शंकर दलजीत सिंह खख की देखरेख में टीम ने तफ्तीश शुरू की तो परतें खुलने लगीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने समाज में तनाव फैलाने और माहौल खराब करने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया था।
50 हजार रुपये देकर दिया घटना को अंजाम
घटना के समय आरोपियों ने एक ऑल्टो के-10 कार का इस्तेमाल किया था, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपित गुरकीरत जब अमेरिका में था, तब उसकी मुलाकात वहां पर डाडा नामक व्यक्ति से हुई थी। डाडा आतंकी पन्नू के खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का सक्रिय सदस्य है। पन्नू के कहने पर डाडा ने गुरकीरत से संपर्क किया था। उसने 50 हजार रुपये देकर इस घटना को अंजाम दिलाया था।
तीनों आरोपित के अलावा डाडा और पन्नू को भी साजिश रचने में नामजद किया गया है। मूर्ति तोड़ने में प्रयुक्त राड को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। एसएसपी के मुताबिक आरोपितों के खिलाफ पहले से कोई केस दर्ज नहीं है। वे गुमराह होकर पैसे की लालच में क्राइम की दुनिया में आ गए। गिरफ्तार आरोपितों से और जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ जारी है। बता दें कि करीब एक साल पहले भी इसी मूर्ति को खंडित किया गया था। उस घटना को अंजाम देने वाले आरोपित जेल में हैं।
पांचजन्य