31 अक्टूबर, 2026 – इस्लामाबाद : स्थानीय मीडिया की शुक्रवार की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद शहर में खाने-पीने की चीजों की लगातार बढ़ती कीमतों और जिला प्रशासन द्वारा सरकारी दरों को लागू न कर पाने को लेकर लोगों ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि कम आय वाले परिवारों के लिए अब जरूरी चीजें खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान के अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, लोगों का कहना है कि सरकार के राहत देने के दावों के बावजूद, मूल्य-नियंत्रण मजिस्ट्रेट और ‘पंजाब एनफोर्समेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी’ (PERA) फोर्स मुनाफाखोरी और कीमतों में की गई कृत्रिम बढ़ोतरी को रोकने में नाकाम रहे हैं।
वहां रहने वाले मुहम्मद अली ने बताया कि जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों की वजह से आम परिवारों के लिए दिन में दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बाजार में गेहूं 5,400 से 5,600 पाकिस्तानी रुपए (PKR) प्रति मन (लगभग 40 किलो) के भाव से बिक रहा है, जबकि सरकारी दर 3,800 PKR प्रति मन तय की गई है। 15 किलो आटे का एक थैला 2,500 PKR से ज्यादा में बिक रहा है, जबकि स्थानीय मिलों का आटा 165-170 PKR प्रति किलो के भाव से मिल रहा है। इससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।
एक अन्य निवासी, ज़किया खानुम ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, खानुम ने कहा कि फैसलाबाद डिवीजन में प्रशासन और PERA विभाग कीमतों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में विफल रहे हैं। एक और निवासी ने बताया कि टमाटर, प्याज और अदरक जैसी सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी मूल्य सूची होने के बावजूद, मटन, चिकन, अंडे, दूध, फल और सब्जियां दुकानदार अपनी मर्जी से तय की गई कीमतों पर बेच रहे हैं।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार इस महीने की शुरुआत में ‘ग्लोबल हंगर इंडेक्स’ (GHI) 2026 में पाकिस्तान 25.5 के स्कोर के साथ दक्षिण एशिया में दूसरे सबसे खराब स्थान पर रहा (अफगानिस्तान के बाद)। यह देश में खाद्य असुरक्षा और कुपोषण की गंभीर होती स्थिति को दर्शाता है। पाकिस्तान के ‘जियो न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार GHI वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है, ‘2026 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) में 25.5 के स्कोर के साथ, पाकिस्तान में भुखमरी का स्तर गंभीर है।’
इस सूची में पाकिस्तान केवल अफगानिस्तान से पीछे था जिसका GHI स्कोर 28.6 था। GHI में दुनिया भर के 122 देशों में से पाकिस्तान 106वें स्थान पर रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का स्कोर 2002 में 36.2 से घटकर 2026 में 25.5 हो गया है, जो कुछ सुधार को दर्शाता है। पाकिस्तान का GHI स्कोर चार घटकों पर आधारित है: बच्चों का कम कद (स्टंटिंग), कुपोषण, बच्चों का कम वज़न (वेस्टिंग) और बाल मृत्यु दर।
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