तैयारी शुरू; आप की फूट का मिलेगा लाभ?
बंगाल फतह के बाद अब बीजेपी पंजाब को अगला बड़ा राजनीतिक लक्ष्य मान रही है। पार्टी पश्चिम बंगाल की जीत के बाद पंजाब में संगठन मजबूत करने आम आदमी पार्टी की कमजोरी का फायदा उठाने और ग्रामीण इलाकों में केंद्र की योजनाओं को मुद्दा बनाने पर फोकस कर रही है।
09 मई, 2026 – नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल का किला फतेह करने के बाद बीजेपी के लिए अगला बड़ा लक्ष्य पंजाब है, जहां अगले साल फरवरी-मार्च में यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के साथ विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव, 2024 के लोकसभा चुनाव और उपचुनाव में बीजेपी को कामयाबी नहीं मिल पाई है। अब बीजेपी पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए रास्ते तलाश रही है।
सवाल यह है कि क्या पंजाब के लिए बीजेपी की रणनीति पश्चिम बंगाल जैसी होगी या फिर कुछ नए मुद्दे होंगे, क्या 6 वर्षों के बाद फिर से बीजेपी और अकाली दल साथ आएंगे?
आप की टूट का लाभ बीजेपी को मिलेगा?
- हाल ही में पजाब से छह राज्यसभा सांसद आप से बीजेपी में आए है। इससे आप के संगठनात्मक ढांचे को तोड़ने की रणनीति को आगे बढ़ाने में कामयाबी मिल सकती है। अब नजर आप विधायकों पर है।
कृषि कानूनों से नैरेटिव बीजेपी के खिलाफ ?
- राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कृषि कानूनों के खिलाफ हुए बड़े विरोध के बाद से बीजेपी को पंजाब में कामयाबी नहीं मिल पाई है। पंजाब में बीजेपी स्थानीय मुद्दों को महत्व दे रही है। नशे की आज भी बड़ी समस्या है।
- बीजेपी का कहना है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने महिलाओं के लिए जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया है। कृषि कानूनों के कारण पंजाब में बीजेपी के खिलाफ बने नैरेटिव को काटने के लिए पार्टी ग्रामीण इलाकों में केंद्र की योजनाओं पर जोर दे रही है। आप के 4 साल के कार्यकाल को जंगल राज बता रही है।
नवभारत टाइम्स