चीन के बांध प्रोजेक्ट्स को बचाने स्पेशल फोर्स का करेगी गठन, असीम मुनीर बेबस
बलूचिस्तान की आजादी के लिए संघर्ष कर रही बलूच लिबरेशन आर्मी ने कल राजधानी क्वेटा में एक रेलवे फाटक के पास सैनिकों को ले जा रही एक ट्रेन पर हमला किया था। इसके बाद देश में चीनी नागरिकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
25 मई, 2026 – इस्लामाबाद: बलिचिस्तान की राजधानी क्वेटा में कल हुए भयानक हमले के बाद पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार कांप गई है। शहबाज शरीफ की सरकार ने पाकिस्तान में पानी के क्षेत्र से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और उनसे जुड़े कर्मचारियों खासकर चीन से आए कर्मचारियों को खास सुरक्षा देने के लिए एक नई “वापदा सुरक्षा बल” बनाने का फैसला किया है। यह बल “वापदा सुरक्षा बल अधिनियम 2026” के तहत बनाया जा रहा है जिसे पहले ही संसद में भेज दिया गया है। लेकिन क्वेटा हमले के बाद अब इस फोर्स को जल्द बनाने का फैसला लिया गया है। पाकिस्तान सरकार ने कहा है “वापदा सुरक्षा बल का गठन, जल और विद्युत विकास प्राधिकरण (Wapda) द्वारा प्रबंधित महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।”
डॉन के मुताबिक एक अलग फोर्स बनाने का फैसला नवंबर 2021 और मार्च 2024 में 6 अरब डॉलर से ज्यादा लागत वाले दासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के इंजीनियरों और कर्मचारियों पर हुए दो आतंकवादी हमलों के बाद लिया गया है। इन हमलों में कई चीनी और पाकिस्तानी कर्मचारी मारे गए थे। इसके बाद चीन ने पाकिस्तान को धमकी दी थी कि अगर चीनी नागरिकों की सुरक्षा करने में नाकाम रहता तो पाकिस्तान को फंड मिलना बंद हो जाएगा। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने दासू प्रोजेक्ट को CPEC से जुड़ी सुरक्षा दी थी।
सीपीईसी की सुरक्षा में पाकिस्तान सेना का एक बड़ा हिस्सा
डॉन ने पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया है कि पाकिस्तान सेना की दो विशेष सुरक्षा डिवीजनों (उत्तरी और दक्षिणी) ने बलूचिस्तान में और गिलगित-बाल्टिस्तान तक के रास्ते में CPEC प्रोजेक्ट्स को सुरक्षा दी थी लेकिन Wapda के प्रोजेक्ट्स CPEC सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में नहीं आते थे। पाकिस्तानी अधिकारी ने डॉन से कहा कि दासू प्रोजेक्ट के कर्मचारियों पर हुए हमले के बाद चीनी पक्ष ने एक साल से भी ज्यादा समय के लिए इस प्रोजेक्ट का काम रोक दिया था। बाद में सरकार के शीर्ष स्तर के हस्तक्षेप और मुआवजा दिए जाने के बाद काम फिर से शुरू हुआ। जिसकी वजह से प्रोजेक्ट की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई।
बाद में CPEC जैसी सुरक्षा व्यवस्था को उन अन्य प्रोजेक्ट्स तक भी बढ़ाया गया जिनमें चीनी कर्मचारी काम कर रहे थे। इसके तहत Wapda की अपनी आंतरिक सुरक्षा के अलावा पाकिस्तान सेना की तरफ से एक बड़ी बाहरी सुरक्षा भी दी गई साथ ही अन्य प्रांतों में स्थानीय पुलिस और रेंजर्स या फ्रंटियर कांस्टेबुलरी को भी सुरक्षा में शामिल किया गया। चीन की चेतावनी दे बाद शहबाज शरीफ ने निर्देश दिया कि CPEC-स्तर की सुरक्षा सभी प्रोजेक्ट्स को मिलनी चाहिए खासकर उन प्रोजेक्ट्स को जिनमें चीनी नागरिक शामिल हैं और आम तौर पर पानी के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय महत्व के अन्य प्रोजेक्ट्स को भी।
क्वेटा बम धमाके से पाकिस्तान में दहशत
बलूचिस्तान की आजादी के लिए संघर्ष कर रही बलूच लिबरेशन आर्मी ने कल राजधानी क्वेटा में एक रेलवे फाटक के पास सैनिकों को ले जा रही एक ट्रेन पर हमला किया था। इसने विस्फोटकों से भरी एक कार को ट्रेन से टकरा दिया था जिसमें कम से कम पाकिस्तानी सेना के 30 जवान और उनके परिवार वाले मारे गये। बीएलए ने 80 से ज्यादा सैनिकों की मौत का दावा किया है। इस हमले ने फिर से साबित कर कर दिया है कि पाकिस्तान एक असुरक्षित देश है और निवेश के लिए खतरनाक है।
नवभारत टाइम्स