नहीं आने देंगे इंदिरा परिवार के सदस्य
राहुल गांधी के 4 नवंबर पंजाब दौरे पर मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने इंदिरा परिवार के किसी भी सदस्य के आने से इनकार किया। झोटा परिवार ने कहा- न राहुल आएं, न बेअंत का परिवार। भगवंत मान के इस्तीफे की मांग और जमानत जब्त की चेतावनी।
04 नवंबर, 2026 – चंडीगढ़ : राहुल गांधी के 4 नवम्बर के पंजाब दौरे के दौरान उनके मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के घर जाने की चर्चा से उनके परिवार में भारी रोष है। एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को 13 अक्टूबर को एक संदिग्ध नशा सप्लायर केमिस्ट ने गोलियों से भून दिया था। उसके विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग को लेकर अभी भी संघर्ष चल रहा है और झोटा का अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ है।
इंदिरा के परिवार का कोई सदस्य नहीं आए
परविंदर सिंह झोटा के लिए इंसाफ का इंतजार कर रहे उनके पिता भीम सिंह फौजी ने राजनीतिक नेताओं के आगमन को लेकर कहा कि उनके घर और धरने वाली जगह पर इंदिरा गांधी के परिवार का कोई भी सदस्य न आए। उन्होंने कहा, ‘न राहुल गांधी आएं, न बेअंत का परिवार आए।’ इस दौरान उनके शब्दों में 1984 की कार्रवाई का दर्द भी झलका। धरने के दौरान उन्होंने विधायक डॉ. विजय सिंगला को खरी-खोटी सुनाते हुए अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने रोष व्यक्त किया कि वे अपने ही शहर में नशे के रुझान को रोक नहीं सके और न ही इंसाफ दिलाने के लिए आगे आए।
1984 के दंगे आज भी याद
बेटे के बिछड़ने का दर्द झेल रहे भीम सिंह फौजी को 1984 की घटनाओं की पीड़ा भी सताती दिखाई दी। राहुल गांधी और बेअंत परिवार के आगमन पर असहमति जताते हुए उनकी प्रतिक्रिया में मौजूदा दुख के साथ-साथ पुराने जख्मों की टीस भी उभर आई। वे अपने बेटे की मौत का दर्द लेकर नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
कांग्रेस और आप की जमानते जब्त करवाएंगे
भीम सिंह फौजी ने कहा कि विधानसभा चुनावों में वे मानसा के विधायक और भगवंत मान की जमानत जब्त करवाएंगे। उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है, जब मोर्चे के 12वें दिन भी परविंदर झोटा के शव के पोस्टमार्टम को लेकर बात आगे नहीं बढ़ सकी। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत के प्रयासों के बावजूद मामले का ठोस हल न होने के कारण परिवार का इंतजार लंबा होता जा रहा है। दूसरी ओर, एक्शन कमेटी की ओर से परविंदर झोटा को इंसाफ दिलाने, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और मोर्चे की मांगें मनवाने के लिए संघर्ष जारी है।
क्या है मामला
गौरतलब है कि मानसा शहर में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी में परविंदर झोटा के पेट और दाहिनी जांघ में गोलियां लगी थीं, जिन्हें गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस वारदात में चार अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
परविंदर सिंह उर्फ झोटा की 13 अक्टूबर को गोलियां लगने के कारण मानसा के सिविल अस्पताल में मौत हो गई थी। इस मामले में थाना सिटी-2 मानसा की पुलिस ने 14 अक्टूबर को दर्ज एफआईआर नंबर 269 के तहत अश्वनी कुमार और विपिन गर्ग को 14 अक्टूबर, नीलम रानी को 15 अक्टूबर और लाडी सिंह को 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
पांचजन्य