अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देशों में भारतीय सामान की बढ़ी डिमांड
वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत का निर्यात अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देशों की मदद से बढ़ रहा है।
05 सितंबर, 2026 – नई दिल्ली : वैश्विक उथल-पुथल खासकर पश्चिम एशिया, यूरोप व अमेरिका के युद्ध में फंसे होने के बावजूद भारत का निर्यात अफ्रीका व लैटिन अमेरिकी देशों की मदद से बढ़ रहा है।
पांच साल पहले तक भारत का अधिकतम निर्यात अमेरिका व यूरोप के बाजार में होता था। अगर इन दो जगहों पर निर्यात प्रभावित हुआ तो भारतीय निर्यात में कमी आ जाती थी।
भारत का निर्यात अफ्रीका-लैटिन अमेरिका में बढ़ा
लेकिन पिछले कुछ सालों में खास कर कोरोना काल और उसके बाद पिछले डेढ़ साल से विदेश व्यापार को लेकर अमेरिका के रुख में बार-बार होने वाले बदलाव को देखते हुए भारत ने दुनिया में नए-नए बाजार की तलाश शुरू की और उसका नतीजा अब दिखने लगा है।
तभी चालू वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-जुलाई में भारत के वस्तु निर्यात में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि अमेरिका के बाजार में इस अवधि में भारतीय निर्यात में सिर्फ तीन प्रतिशत बढ़ोतरी रही।
अमेरिका-यूरोप पर निर्भरता कम कर नए बाजार खोजे
यूरोप के भी प्रमुख देशों में भारत का निर्यात 2.5 प्रतिशत से लेकर 13 प्रतिशत तक बढ़ा। दूसरी तरफ, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जुलाई में दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, मिस्त्र, कीनिया, मोजांबिक, टोगो, तंजानिया जैसे देशों में भारतीय वस्तुओं का निर्यात 20-80 प्रतिशत तक बढ़ता हुआ दिख रहा है। लैटिन अमेरिका के ब्राजील, मैक्सिको, पेरु, चिली जैसे देशों में भी भारतीय निर्यात की बढ़ोतरी दर 50 प्रतिशत से अधिक है।
कोरोना काल के बाद से ही भारत ने निर्यात और आयात के लिए वैकल्पिक बाजार की तलाश तेज कर दिया था। अमेरिका के पारस्परिक शुल्क की घोषणा के बाद से तो 100 से अधिक देशों में भारत के राजदूत व दूतावास के अधिकारी भारतीय व्यापार की संभावना तलाश को और तेज कर दिया और भारतीय वस्तुओं की मार्केटिंग शुरू हो गई। हालांकि अब भी अफ्रीका व लैटिन अमेरिका के बाजार में भारतीय वस्तुओं की हिस्सेदारी चीन से काफी कम है।
वस्तु निर्यात में 17% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज
अफ्रीका में 50 से अधिक देश हैं और अफ्रीका के कुल आयात में चीन की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत है तो भारत की मात्र छह प्रतिशत।
लैटिन अमेरिका में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए भारत पेरू, चिली, ब्राजील जैसे देशों के साथ व्यापार समझौते की तैयारी कर रहा है ताकि इन देशों के माध्यम से पूरे लैटिन अमेरिका में भारतीय वस्तुओं का बाजार वहां खुल सके।
निर्यात वृद्धि (अप्रैल-जुलाई 2026-27)
| देश | वृद्धि (%) |
| अमेरिका | 3.0 |
| नाइजीरिया | 27.7 |
| मिस्त्र | 33.5 |
| मेक्सिको | 24 |
| तंजानिया | 131 |
| दक्षिण अफ्रीका | 69 |
| मोजांबिक | 89 |
| घाना | 27.7 |
| चिली | 12 |
| कीनिया | 81 |
दैनिक जागरण