‘2027 में पंजाब में पश्चिम बंगाल जैसे परिणाम आएंगे’, BJP की जीत पर पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित
बंगाल चुनाव नतीजों ने पंजाब भाजपा में नई ऊर्जा भर दी है, जिससे पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इससे आप सरकार और केंद्र के बीच टकराव बढ़ने की संभावना ।
05 मई, 2026 – चंडीगढ़ : बंगाल के विधानसभआ चुनाव नतीजे ने न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा में नई ऊर्जा का संचार किया है, बल्कि इसका सीधा असर पंजाब के भाजपाईयों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ा है।
चुनाव नतीजों के बाद जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए पंजाब के भाजपा नेताओं ने इस बात को दोहराया कि यदि कड़ी मेहनत से पश्चिम बंगाल में असंभव को संभव किया जा सकता है तो उसी तरह की मेहनत पंजाब में भी जीत दिलाएगी। प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने तो कार्यकर्ताओं को 2027 के लिए कमर कस लेने की बात कहते कहा कि पार्टी का अगला फोकस पंजाब पर ही रहना है।
बंगाल की जीत पंजाब के लिए कई मायनों में अहम है। माना जा रहा है कि इस जीत के बाद भाजपा नेतृत्व का पूरा ध्यान अब पंजाब के 2027 में होने वाले चुनाव पर रहेगा। ऐसे में आगामी दिनों में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच टकराव और बढ़ने के भी आसार बन सकते हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही लगातार आप और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच किसी न किसी मुद्दे को लेकर टकराव बना रहा है, फिर भले ही वह पानी का मुद्दा हो, आरडीएफ न देने की बात हो, बीबीएमबी का मुद्दा हो या फिर बाढ़ राहत के लिए पैसे नहीं देने की बात हो। हर मामले में दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे हैं।
इस जोर आजमाइश को बीते दिनों आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सदस्यों की घटना ने आग में घी की तरह भड़का दिया है। भाजपा में शामिल होते ही राज्यसभा सदस्यों के खिलाफ जिस तरह से पंजाब सरकार सक्रिय हुई है ऐसे में भाजपा को डर है कि इस दबाव की राजनीति से कहीं पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं का आत्मविश्वास कहीं कम न हो जाए।
ऐसे में पार्टी में यह बात भी उठने लगी है कि केंद्रीय नेतृत्व ने जिस तरह बंगाल में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं में यह विश्वास पैदा किया कि केंद्र सरकार उनके साथ है, वैसा ही विश्वास अब पंजाब के कार्यकर्ताओं व नेताओं में जगाएं ताकि भविष्य में भाजपा से जुड़ने से कोई नेता कतराए नहीं। भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा द्वारा भी राष्ट्रपति से मुलाकात का समय लेने से इस बात का संकेत भी मिल गया है कि भाजपा इस मामले को हलके में लेने के मूड में नहीं है।
इस बात की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आगामी दिनों में सीबीआइ और ईडी की ओर से पंजाब में विभिन्न मामलों की जांच में तेजी आए। माना जा रहा है कि इस जांच की आंच में कई बड़े प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी आ सकते हैं।
ऐसे में केंद्र सरकार पंजाब में तैनात प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को भी संवैधानिक तौर पर कार्य करने संकेत दे सकती है। सीबीआइ की ओर से गिरफ्तार निलंबित डीआइजी हरचरन सिंह भुल्लर के मामले में जांच में तेजी को भी इसी रूप में देखा जा रहा है। सीबीआइ इस मामले की जांच के लिए बड़े आइएएस-आइपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाने का सिलसिला भी शुरू कर सकती है।
बंगाल की जीत में जिस तरह पार्टी ने युवा नेताओं पर विश्वास जताया माना जा रहा है कि पार्टी पंजाब में भी युवाओं पर ज्यादा जिम्मेदारी डाले। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डा सुभाष शर्मा ने कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल में भाजपा ने कड़ी मेहनत व युवा नेतृत्व के जोश का सुमेल किया, ठीक वैसे ही पंजाब में भी युवाओं को अधिक मौके दिए जाएंगे। जीत के जश्न में डूबे एक नेता ने कहा कि कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास इस स्तर पर है कि ज्यादातर जो कभी इस बात के पक्षधर थे कि पंजाब में सरकार बनाने के लिए गठबंधन अनिवार्य है, लेकिन इस जीत ने बूस्टर के तौर पर काम किया है और वे अपने दम पर ही पंजाब में सरकार बनाने की बात करने लगे हैं।
शाह पहले ही दे चुके पंजाब में सरकार बनाने के संकेत
भाजपा के प्रमुख रणनीतिकार व देश के गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में इस साल मार्च महीने में मोगा रैली में पंजाब में अगली सरकार भाजपा की बनने के संकेत दे चुके हैं।
शाह ने कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा को 18.56 प्रतिशत वोट मिले थे और यह बात सर्वविदित है कि जिस भी राज्य में भाजपा ने 18 प्रतिशत वोट शेयर को पार किया है, वहां अगले चुनाव में सरकार बनाई है। पंजाब में अगली सरकार भाजपा की ही बनेगी।
पंजाब में लगातार बढ़ा भाजपा का वोट प्रतिशत
2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का वोट शेयर 5.43 था
2022 के विधानसभा चुनाव में यह बढ़कर 6.60 प्रतिशत हो गया
2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को 9.63 प्रतिशत वोट मिले
2024 के लोकसभा चुनाव में यह बढ़कर 18.56 प्रतिशत हो गया
दैनिक जागरण