रंगपुर और कुष्टिया में हिंदू घरों-दुकानों पर भीड़ ने किया तोड़फोड़
बांग्लादेश के रंगपुर और कुष्टिया में शनिवार को दो अलग घटनाओं में हिंदू घरों और दुकानों पर भीड़ ने हमला कर तोड़फोड़ की। पुलिस कमिश्नर ने कहा- हिंदुओं की कोई गलती नहीं, हमलावरों की पहचान हो गई।
15 अप्रैल, 2026 – भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में सत्ता बदल गई, लेकिन हालात अभी भी नहीं बदले। ताजा मामला देश के रंगपुर और कुष्टिया जिलों में शनिवार को दो अलग-अलग घटनाओं में हिंदू समुदाय के कई घरों और दुकानों पर भीड़ ने हमला कर तोड़फोड़ की। ये हमले अलग-अलग वजहों से हुए, लेकिन दोनों जगहों पर हिंदू परिवारों को नुकसान पहुंचा।
क्या है पूरा मामला मामला
कुछ यूं है कि रंगपुर में सुबह होने से पहले की बात है। जहां, एक मुस्लिम युवक की मौत हो गई थी, जो पड़ोस में हुई थी। इसके बाद कट्टरपंथियों की उन्मादी भीड़ ने इसकी वजह से हिंदू इलाके में घुसकर कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया। भीड़ ने सामान तोड़ा, लूटा और तोड़फोड़ मचाई।
हिन्दुओं की नहीं है कोई गलती: कमिश्नर
इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर मोहम्मद माजिद अली ने बताया कि हिंदू परिवारों का इस युवक की मौत से कोई लेना-देना नहीं था। मृतक के अपने परिवार ने भी यही कहा कि हिंदू समुदाय इसमें शामिल नहीं है। फिर भी भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि असली हत्यारों की तलाश चल रही है। साथ ही जिन लोगों ने हिन्दू घरों और दुकानों पर हमला किया, उन्हें भी पहचान लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों को पकड़ने की कोशिश में है।
हिन्दुओं की दुकानों में तोड़फोड़ दूसरी घटना कुष्टिया जिले में हुई, जो पश्चिम बांग्लादेश में है। वहां एक मुस्लिम आध्यात्मिक नेता राकिब हसन को कथित तौर पर इस्लाम का अपमान करने के आरोप में भीड़ ने मार डाला। इसी दौरान या उसी माहौल में हिंदू समुदाय की कुछ दुकानों और घरों पर भी हमला हुआ। तोड़फोड़ की खबरें आईं, हालांकि इसकी डिटेल्स रंगपुर जितनी साफ नहीं बताई गईं।
ये दोनों घटनाएं शनिवार को हुईं। बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से अल्पसंख्यक समुदायों, खासकर हिंदू परिवारों पर ऐसे हमलों की खबरें आ रही हैं। लोग डर के माहौल में जी रहे हैं। घरों में सामान बिखरा है पड़ा, दीवारें टूटी हुईं, दुकानों के शटर और सामान क्षतिग्रस्त हो गए। कई परिवारों को तुरंत अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह की तलाश करनी पड़ी।
पुलिस दोनों जगहों पर पहुंची और स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। रंगपुर में उन्होंने कहा कि वे हमलावरों की पहचान कर चुके हैं और कानूनी कार्रवाई होगी। अभी तक कितने घर या दुकानें प्रभावित हुईं, इसकी सटीक संख्या अलग-अलग रिपोर्ट्स में थोड़ी अलग बताई गई है, लेकिन कई परिवारों को नुकसान हुआ है। स्थानीय लोग बताते हैं कि अचानक भीड़ इकट्ठी हो गई और बिना किसी चेतावनी के हमला शुरू कर दिया।
पांचजन्य