नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण, मुस्लिम युवक से कराया निकाह
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ खराब बर्ताव की रिपोर्ट लगातार सामने आती रही हैं। खासतौर से हिंदू लड़कियों के अपहरण और उनकी जबरन शादी पर दुनिया चिंता जताती रही है।
23 अप्रैल, 2026 – इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और शादी का मामला सामने आया है। अल्पसंख्यक अधिकार संगठन वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने इस मामले की निंदा की है। संगठन ने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि हिंदू लड़कियों के साथ लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इनको रोरा जाना चाहिए।
संगठन के मुताबिक, 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली पूजा का कथित तौर पर अपहरण कर उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। उसका नाम बदलकर दुआ फातिमा रखा गया और उसकी शादी इमरान अली से करा दी गई। संगठन ने इसे ‘क्रूरता’ बताते हुए कहा कि इससे लड़की की पहचान छीन ली गई और उसे ऐसी जिंदगी जीने के लिए मजबूर किया गया, जिसे उसने कभी नहीं चुना।
9वीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की का अपहरण कर उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। उसका नाम बदल दिया गया और उसकी शादी मुस्लिम लड़के से करा दी गई। इस घटना से सिंध में हिंदू लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी
सिंध में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं
रिपोर्ट के अनुसार, परिवार की पीड़ा विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों के बीच साझा की गई है। इससे सिंध में हिंदू लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी ने कहा कि पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं कोई अलग-थलग मामला नहीं हैं। खासकर सिंध में यह एक गंभीर और लगातार बनी रहने वाली समस्या है, जहां हिंदू परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा भय में जीते हैं।
संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर विरोधाभासी बयान सामने आते हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है। अदालतों में लड़कियों की ओर से ‘स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन’ का दावा किया जाता है, जबकि परिवार अपहरण और दबाव की बात करते हैं।
पुलिस ने साधी चुप्पी
हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस या अदालत की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। संगठन ने कहा कि आमतौर पर ऐसे मामलों में उम्र और सहमति की जांच होती है लेकिन परिस्थितियां अक्सर पीड़ित पक्ष के खिलाफ होती हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने सिंध में बढ़ते अपहरण, बाल विवाह और जबरन धर्म परिवर्तन को कानून का उल्लंघन कहा है। संगठन ने मांग की है कि मामले की पारदर्शी जांच हो, पीड़ितों के लिए सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
नवभारत टाइम्स