सोशल मीडिया के जाल में फंसा रहा नाबालिग; हथियार सप्लाई के लिए तैयार हो रही चेन
पंजाब में नाबालिगों को इंटरनेट के जरिए फंसाकर हथियार सप्लाई में शामिल किया जा रहा है। फाजिल्का मामले के बाद खुलासा हुआ। पुलिस ने इसे बड़ी साजिश बताते हुए जागरूकता और सख्ती बढ़ाने की बात कही।
23 अप्रैल, 2026 – चंडीगढ़ : पंजाब को अशांत करने की पाकिस्तान की नई चाल सामने आई है। पाकिस्तान सीमा पार से भेजे जा रहे हथियारों की डिलीवरी के लिए इंटरनेट मीडिया से जुड़े नाबालिग लड़कों अपने जाल में फंसा रहा है। दो दिन पहले फाजिल्का में हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया 12वीं का नाबालिग छात्र भी इसी षड्यंत्र का शिकार हुआ था।
पूछताछ में नाबालिग ने बताया है कि उसे इंस्टाग्राम पर पैसों का लालच देकर फंसाया गया। इससे पहले भी पाकिस्तान से आए हथियारों व विस्फोट के साथ पकड़े गए आरोपितों में भी कई नाबालिग शामिल हैं। मई 2022 से सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर पुलिस थानों में हुए ग्रेनेड हमलों में नाबालिग शामिल थे।
अपराध का ढांचा तेजी से बदल रहा
पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है की अपराध का ढांचा तेजी से बदल रहा है, जहां नाबालिग अब केवल दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय किरदार बनते जा रहे हैं। इंटरनेट मीडिया की चकाचौंध, तेज कमाई का लालच और गैंग्स्टर नेटवर्क की सुनियोजित रणनीति ने किशोरों को नशा तस्करी, हथियार सप्लाई, स्नैचिंग और हिंसक वारदातों तक पहुंचा दिया है।
पुलिस जांच और एजीटीएफ इनपुट्स इस खतरनाक ट्रेंड की पुष्टि कर रहे हैं जोकि राज्य में कानून व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। सीमा पार बैठे आतंकी, विदेशों में बैठ गैंग्स्टर और विदेशी हैंडलर नाबालिगों का इस्तेमाल रेकी, हथियारों की डिलीवरी और टारगेट किलिंग तक में कर रहे हैं।
योजनाबद्ध तरीके से बढ़ा तेज
कई मामलों में विदेशी पिस्तौल और जिंदा कारतूस के साथ पकड़े गए आरोपितों में किशोर भी शामिल पाए गए हैं। पंजाब पुलिस के डीआईजी गुरमीत सिंह चौहान ने साफ किया है कि यह ट्रेंड अचानक नहीं, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से बढ़ा है। उनके अनुसार, किशोरों को पहले छोटे काम जैसे पैकेट पहुंचाना या किसी पर नजर रखनादिए जाते हैं। धीरे-धीरे वे बड़े अपराधों में शामिल हो जाते हैं।
डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक विदेशी हैंडलर व सीमा पार बैठे आतंकी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से युवाओं और नाबालिगों को पैसों का लालच देकर बहला फुसला कर इन आतंकी गतिविधियों में शामिल कर रहे है। पंजाब पुलिस व केंद्रीय एजेंसियां इन प्रयासों को असफल करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए युवाओं को जागरुक किया जा रहा है।
मई 2022 : पंजाब के प्रसिद्ध सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में नामजद आरोपितों में एक नाबालिग भी शामिल था। विदेश में बैठे गैंग्स्टरों ने पैसों के लालच देकर इसका इस्तेमाल रैंकी व अन्य कामों के लिए किया था।
मई 2022 : मोहाली पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमले में हमलावरों में एक नाबालिग उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का निवासी था। उसे रैंकी का जिम्मा सौंपा गया था।
दिसंबर 2022: तरनतारन के सहराली पुलिस थाने पर आरपीजी अटैक में नाबालिग शामिल था।
नबंबर 2025 : लुधियाना पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित ग्रेनेड के एक माडयूल का भंडाफोड किया जिस में एक नाबालिग बिहार के आरा का रहने वाला गिरफ्तार किया गया।
मार्च 2026 : अमृतसर आर्म्स नेटवर्क में क्रास-बार्डर हथियार तस्करी के एक माड्यूल में एक नाबालिग की भूमिका सामने आई, जिसे ‘कूरियर’ के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
दैनिक जागरण