देश के नेतृत्व, जन समर्थन से बना राम मंदिर-मोहन भागवत
RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा है कि देश के नेतृत्व की इच्छाशक्ति, प्रतिबद्धता और जन-समर्थन की वजह से राम मंदिर बना है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भारत की मजाक उड़ाते थे, वह भी इसे हिंदुओं की भूमि कहने लगे हैं।
30 अप्रैल, 2026 – नई दिल्ली: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर सत्ता में बैठे लोगों की प्रतिबद्धता और पूरे देश के लोगों के समर्थन की वजह से बना है। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की चर्चाओं को लेकर कहा है कि इसकी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही एक वास्तविकता है।
सोमवार को नागपुर में अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण की अगुवाई करने वालों लोगों के सम्मान के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबंधित करते हुए मोहन भागवत ने यह बात कही। RSS की ओर से जारी रिलीज के अनुसार इस कार्यक्रम का आयोजन नागपुर के रेशिमबाग स्थित डॉ हेडगेवार स्मारक समिति ने आयोजित किया।
‘अयोध्या राम मंदिर सामूहिक प्रयास से बना’
भागवत बोले कि अयोध्या का राम मंदिर भगवान राम की इच्छा से बना है। इसके लिए भगवान कृष्ण के द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाए जाने का जिक्र किया और कहा कि यह तभी संभव होता है, जब सामूहिक प्रयास होते हैं। उन्होंने कहा,’यह भगवान की उंगलियों पर टिका है, लेकिन उंगली तबतक नहीं हिलती, जबतक लोग अपनी लकड़ियां नहीं लगाते। मंदिर इसी तरह से बनाया गया।’
‘देश के नेतृत्व की प्रतिबद्धता से बना राम मंदिर’
- उन्होंने बताया कि राम मंदिर का निर्माण बिना सत्ता में बैठे लोगों के प्रतिबद्ध नेतृत्व के बिना संभव नहीं था।
- भागवत ने कहा कि यह राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना संभव था। वे बोले, ‘मंदिर बनाने का फैसला ले लिया गया, लेकिन बिना मजबूत फाउंडेशन के यह कैसे खड़ा होता? भारत के प्रत्येक व्यक्ति ने योगदान दिया।’ उनके मुताबिक भगवान राम की उंगली ने मंदिर का निर्माण सुनिश्चित किया।
‘हिंदू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं’
वहीं हिंदू राष्ट्र के बारे में मोहन भागवत बोले कि हिंदू राष्ट्र के रूप में भारत के विचार का पहले मजाक उड़ाया जाता था। वे बोले, ‘आज वही लोग कहते हैं कि भारत हिंदुओं की भूमि है।’इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है, इसकी घोषणा की आवश्यकता नहीं है।
सूरज पूर्व में उगता है, क्या हमें इसकी घोषणा करने की आवश्यकता है? इसी तरह से भारत एक हिंदू राष्ट्र है, यह पहले से ही एक वास्तविकता है।
मोहन भागवत, RSS प्रमुख
उन्होंने राम मंदिर निर्माण में शामिल लोगों के बारे में कहा,’उन्होंने अपना काम कर दिया है, अब हमें अपना काम करना है। उन्हें मंदिर निर्माण का उत्तरदायित्व मिला था और उन्होंने आशा से भी बढ़कर किया है।’
नवभारत टाइम्स