गंभीर बीमारी से जूझ रहा है आइलैंड देश, कभी कहा था ‘इंडिया आउट’
भारत ने अपने पड़ोसी देश को संकट से उबारने की फिर से एक बड़ी पहल की है। अरब सागर में स्थित आइलैंड देश को बड़ी संख्या में मीजल्स वैक्सीन और अन्य मेडिकल सामग्री की जरूरत पड़ी और भारत ने तुरंत यह सहायता पहुंचा दी।
13 जून, 2026 – नई दिल्ली: भारत ने संकट के वक्त में अपने निकट पड़ोसी मालदीव की ओर फिर से मदद का हाथ बढ़ाया है। अरब सागर में स्थित यह आइलैंड देश अभी मीजल्स (खसरा) संक्रमण के संकट से जुझ रहा है, जिससे निपटने के लिए गुरुवार को भारत ने मीजल्स वैक्सीन की 20,000 डोज भेजी।
भारत ने इसके अलावा माले की सरकार की सहायता के लिए अलग से तीन टन अतिरिक्त मेडिकल सप्लाई भी भेजी है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार समय पर भेजी गई सहायता से मालदीव को खसरे के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
‘भारत से घनिष्ठ समन्वय दर्शाता है’
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने भारत से समय पर पहुंची मदद की सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत ही सराहना की।
यह सहयोग मालदीव और भारत के बीच घनिष्ठ समन्वय दर्शाता है। – विदेश मंत्रालय, मालदीव
एक आधिकारिक कार्यक्रम में सौंपी गई सहायता
भारत से भेजी गई मेडिकल सामग्री और मीजल्स वैक्सीन मालदीव को एक आधिकारिक कार्यक्रम में सौंपी गई, जहां मालदीव की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री गीला अली मौजूद थीं।
भारत बना भरोसेमंद फर्स्ट रेस्पॉन्डर
- भारत में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार भारत के ‘नेबरहूड फर्स्ट पॉलिसी’ और विजन महासागर (Vision MAHASAGAR) के तहत इस आइलैंड देश का एक विशेष स्थान है।
- भारत, मालदीव का एक भरोसेमंद फर्स्ट रेस्पॉन्डर रहा है और यह दोनों देशों के लोगों के आपसी लाभ को ध्यान में रखकर आपसी प्राथमिकताओं पर जोर देता है।
‘कभी चल चुका है इंडिया-आउट अभियान’
- यह वही मालदीव है, जहां पहले भारत-विरोधी अभियान भी चल चुका है।
- मालदीव के नेता मोहम्मद मुइज्जू ने चीन के प्रभाव में आकर ‘इंडिया आउट’ अभियान चलाने से भी परहेज नहीं किया था।
- मुइज्जू से पहले मालदीव में भारत-विरोधी भावना का बीज पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन बोकर गए।
- लेकिन, ‘इंडिया आउट’ अभियान के कुछ ही समय बाद जब आइलैंड देश के मीठे पानी वाला अकेला प्लांट बैठ गया तो भारत ने घंटों में द्वीप पर पीने का पानी पहुंचा दिया।
- यही नहीं, मौजूदा पश्चिम एशिया संकट में जब भी माले ने नई दिल्ली की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखा है, तो भारत ने कभी मुंह नहीं फेरा है।
- भारत ने मालदीव को तेल और गैस की सप्लाई बनाए रखने में सहायता की हर संभव कोशिश की है।
नवभारत टाइम्स