वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष ने जताई चिंता, क्या बोले BJP प्रदेश अध्यक्ष?
25 जून, 2026 – चण्डीगढ़-पंजाब : पंजाब के युवा अपने हाई लाइफ स्टाइल से कंगाल हो रहे हैं। इसको लेकर वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा युवा अपनी पुश्तैनी जमीन बेच रहे हैं।
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने पंजाब की किसानी और जवानी पर चिंता जाहिर की है। एक डिबेट के दौरान उन्होंने पंजाब में कृषि अर्थव्यवस्थाओं के सामने आ रही चुनौतियों का जिक्र किया है। उधर, भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी उन्हें पत्र लिखकर इन मुद्दों पर संवाद की पेशकश रखी है।
पंजाब के युवा बेच रहे अपनी जमीनें
बंगा ने पिछले दिनों डिबेट के दौरान कहा था कि पंजाब, जिसे कभी भारत में खेती-बाड़ी का मुख्य केंद्र माना जाता था, वहां कुछ युवा जो अपनी पुश्तैनी जमीन बेच रहे हैं। इससे उन्हें अच्छी-खासी रकम तो मिलती है लेकिन वे अक्सर उसे जल्द ही कंज्यूमर गुड्स और लाइफस्टाइल से जुड़े खर्चों में उड़ा देते हैं।
युवा हाई लाइफ स्टाइल से हो रहे कंगाल
बंगा ने कहा, पंजाब में जहां ऐसे युवा मिल जाएंगे जिन्होंने अभी-अभी अपनी जमीन बेची है। वे चार साल तक अमीर रहते हैं मगर अपने लाइफ स्टाइल की वजह से जल्द ही कंगाल हो जाते हैं और फिर गिग जॉब्स (अस्थाई काम) की तलाश करने लगते हैं। बंगा ने कहा कि पंजाब में किसान अपनी मांगों के संदर्भ में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और अधिकारियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
क्या बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष?
उधर, पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल ढिल्लों ने इस संदर्भ में कहा, बंगा के विचारों ने पंजाब की आर्थिक वास्तविकताओं पर एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दिया है। यह चर्चा जो राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय गंभीर और विचारपूर्ण संवाद की मांग करती है। ढिल्लों ने कहा, पंजाब के परिवार किसी व्यक्तिगत संकट से अलग होकर नहीं जूझ रहे बल्कि वे एक बड़े आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। अनेक ग्रामीण समुदाय पारंपरिक कृषि व्यवस्था से दूर जा रहे हैं लेकिन उनके पास वैकल्पिक आजीविका, कौशल विकास के अवसर या वित्तीय सहायता के पर्याप्त साधन नहीं हैं।
यह शासन की विफलता है, जिसकी जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी सरकार को लेनी चाहिए। ढिल्लों ने अजय बंगा को सीधे संवाद करने का निमंत्रण दिया, ताकि राज्य की चुनौतियों और संभावनाओं के प्रति उनकी समझ पंजाब की वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित हो सके।
अमर उजाला