जयशंकर बोले- बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी 10 टन राहत सामग्री
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने 10 टन आपदा राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वह नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है।
27 अगस्त, 2026 – नई दिल्ली: नेपाल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत ने नेपाल की बाढ़ से निपटने की कोशिशों में सहायता के लिए 10 टन आपदा राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी हैं।
हर मुश्किल में नेपाल के साथ भारत
जयशंकर ने कहा कि भारत नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। साथ ही इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति भी अपनी सहानुभूति व्यक्त की। भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री और दवाइयां नेपाल के राहत प्रयासों को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम हैं।
बाढ़ से प्रभावित नेपाल को सहायता भेज रहा भारत
भारत पड़ोसी देश नेपाल के उत्तरी जिलों में बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ के बाद भारतीय वायु सेना के विमानों से राहत सामग्री भेज रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) पहल के तहत नेपाल को दवाइयों और राशन समेत आपातकालीन सहायता की खेप भेजी जाएगी।
- अधिकारियों के अनुसार, सरकार प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के बचावकर्मियों को भी नेपाल भेजने की योजना बना रही है।
- तिब्बत से लगे नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता करीब 400 लोगों में कम से कम 105 भारतीय और 37 अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
- बाढ़ से नदी किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत की ओर से सुबह करीब नौ बजे (स्थानीय समयानुसार) भोटे कोशी नदी में बाढ़ आई। उन्होंने बताया कि अचानक आई बाढ़ से रसुवा और धादिंग जिलों के अलावा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला भी प्रभावित हुआ।
नवभारत टाइम्स