सऊदी के साथ मक्का समझौते पर बदले सुर
तुर्किये से वार्ता के बाद पाकिस्तान ने कहा है कि सऊदी अरब पर हूती के हमले का कोई सैन्य जवाब नहीं दिया जाएगा। ईरान को हूती को समझाने की नसीहत देने वाले पाकिस्तान के स्वर भी नरम पड़ गए।
इस्लामाबाद। मक्का समझौते को सक्रिय कर हूती को सबक सिखाने की धमकी देने वाले पाकिस्तान के एक ही दिन में सुर बदल गए।
तुर्किये से वार्ता के बाद पाकिस्तान ने कहा है कि सऊदी अरब पर हूती के हमले का कोई सैन्य जवाब नहीं दिया जाएगा। ईरान को हूती को समझाने की नसीहत देने वाले पाकिस्तान के स्वर भी नरम पड़ गए।
गुरुवार को पाकिस्तान ने हूती और सऊदी अरब की लड़ाई पर कोई कड़ा बयान नहीं दिया। मक्का समझौते को सक्रिय करने के पाकिस्तान के बयान पर गुरुवार को इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि पाकिस्तान अभी कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा लेकिन जब समय आएगा तब कार्रवाई करेगा।
कहा, अभी पाकिस्तान के सैन्य कार्रवाई करने के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं हुआ है। प्रवक्ता ने कहा कि मक्का समझौते में अभी तीन देश ही शामिल हैं, इसके विस्तार पर अभी विचार नहीं किया गया है।
विदित हो कि अगस्त में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के बीच मक्का समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा और उसका तीनों ही देश मिलकर जवाब देंगे।
पाकिस्तान ने बुधवार को इसी समझौते को सक्रिय कर सैन्य कार्रवाई की धमकी हूती को दी थी।
इस बीच सऊदी अरब पर हमला करने से हूती को रोकने के पाकिस्तान के संदेश के बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हूती को नियंत्रित नहीं करता है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि ईरान ने हाल ही में हथियारों की खेप और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कई कमांडर हूती के मदद के लिए हाल ही में यमन भेजे हैं।
दैनिक जागरण