LoC से तारबंदी हटाकर भारत से जुड़ने की मांग
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान के खिलाफ एक नया आंदोलन शुरू हो गया है। लगभग 25000 लोगों ने पुंछ और मेंडर के रास्ते भारत से जुड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तानी सेना पीओके की घेराबंदी कर लोगों की सप्लाई रोक रही है।
28 सितंबर, 2026 – मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। लगभग 25000 लोगों ने पीओके के नेता सरदार अमन खान की अपील पर लाइन ऑफ कंट्रोल पर लगी बाड़बंदी को हटाकर भारत से जुड़ने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शनों के कारण पाकिस्तान ने उनकी सप्लाई लाइन को काट दिया है। ऐसे में लोगों के पास खाने की कमी हो गई है। उन्होंने पाकिस्तान से आजादी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना उन पर अत्याचार कर रही है।
25000 लोग भारत से जुड़ने के समर्थन में
पीओके के मंडहोल गांव के 25000 लोग प्रदर्शनकारी नेता सरदार अमन खान के समर्थन में हैं। उन्होंने पीओके से पाकिस्तान का कब्जा खत्म करने, लाइन ऑफ कंट्रोल पर लगी तारबंदी हटाने और पुंछ-मेंढ़र के जरिए भारत से फिर जुड़ने की मांग की है। सरदार अमन खान ने आंदोलन के 110वें दिन घोषणा की कि जल्द ही लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर एक धरना दिया जाएगा। इसका मकसद पाकिस्तानी सेना द्वारा लगाई गई बाड़ को हटाना है ताकि PoK के निवासी भारत से फिर से जुड़ सकें।
पीओके के लोगों की सप्लाई रोक रहा पाकिस्तान
यह अपील ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान ने 3 महीने से ज्यादा समय से PoK में राशन की सप्लाई रोक दी है। अमन खान ने कहा कि जहां PoK के पूर्वज मेंढर से राशन खरीदते थे, वहीं PoK पर 78 साल से कब्जा जमाए पाकिस्तान ने बाड़ लगा दी ताकि यहां के लोगों को इस्लामाबाद से राशन खरीदने के लिए मजबूर किया जा सके। अब, जब लोग राशन खरीदते हैं, तो पाकिस्तानी सेना उन्हें बॉर्डर पर रोककर राशन जब्त कर लेती है।
पाकिस्तानी सेना की कायरता बताई
सरदार अमन खान ने पाकिस्तानी सेना की कायरता को उजागर किया और दुनिया को याद दिलाया कि जब LoC पर गोलीबारी शुरू हुई थी, तो सैनिक अपनी बैरकों में छिप गए थे। PoK के लोगों ने ही उनकी जान बचाई थी – वही लोग जिन्हें सेना पिछले 3 महीनों से मार रही है। उन्होंने कहा कि PoK की बेहतरी और खुशहाली का एकमात्र सच्चा रास्ता पाकिस्तान के कब्जे से पूरी तरह आजाद होना है।
नवभारत टाइम्स