पाकिस्तान ने मक्का डिफेंस पैक्ट के तहत सऊदी अरब की रक्षा के लिए 25000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का ऐलान किया है। इसके अलावा पाकिस्तानी वायुसेना और रॉकेट फोर्स को भी सऊदी अरब में तैनात करने की योजना है। इससे पाकिस्तान के हूतियों के खिलाफ यमन युद्ध में सीधे शामिल होने का अंदेशा है।
08 अक्टूबर, 2026 – रियाद: यमन के हूती विद्रोहियों से युद्ध लड़ रहे सऊदी अरब की मदद के लिए पाकिस्तान ने बड़ा फैसला किया है। वह सऊदी अरब की रक्षा के लिए 25000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती करने जा रहा है। यह तैनाती हाल में ही गठित मक्का डिफेंस पैक्ट के तरह की जा रही है। इसका फैसला एक दिन पहले सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई मक्का डिफेंस पैक्ट की बैठक के दौरान किया गया है। पाकिस्तान के इस फैसले से हूती विद्रोहियों का चिढ़ना तय माना जा रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को पहले ही हमले की चेतावनी दी है।
पाकिस्तान ने 25000 सैनिकों की तैनाती का फैसला तब किया है, जब सऊदी अरब समर्थित यमनी सेना ने बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य के आसपास हूतियों के खिलाफ एक बड़ा हमला शुरू किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की सेनाओं ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास के कई महत्वपूर्ण इलाकों को फिर से अपने नियंत्रण में कर लिया है। सरकारी सेनाओं ने जलडमरूमध्य के ठीक उत्तर में स्थित महत्वपूर्ण शहर धुबाब को फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है। उन्होंने बाब और हदीद शहरों पर भी कब्जा कर लिया है।
पाकिस्तानी वायुसेना और रॉकेट फोर्स भी होगी तैनात
रिपोर्ट के अनुसार, इस तैनाती में पाकिस्तानी सेना, वायु सेना और नौसेना सहित सेना के सभी बलों के साथ-साथ मिसाइल और रॉकेट फोर्स को भी तैनात किया जाएगा। पाकिस्तान ने रणनीतिक कारणों से तैनाती के विवरण को सार्वजनिक नहीं किया है, जिनमें सैनिकों की सटीक संख्या और मिसाइल और रॉकेट फोर्स की भूमिका शामिल है। ऐसा कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना सऊदी अरब की राजधानी रियाद और धार्मिक शहर मक्का और मदीना की रक्षा के लिए खास तौर पर तैनात की जाएगी।
सऊदी अरब में कितने पाकिस्तानी सैनिक मौजूद
सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैनिक पहले से ही तैनात हैं। पाकिस्तान के हजारों सैनिक और सैन्य सलाहकार सऊदी अरब की सुरक्षा और खुफिया/सहायक भूमिका में सहयोग कर रहे हैं। अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में सऊदी अरब में लगभग 8,000 से 15,000 पाकिस्तानी सैनिक तैनात हैं, जबकि कुछ हालिया रिपोर्ट्स में यह संख्या बढ़कर 30,000 से 40,000 तक होने का दावा किया जा रहा है।
हूती विद्रोहियों की पाकिस्तान को चेतावनी
हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान मक्का डिफेंस पैक्ट के जरिए सऊदी अरब की सैन्य मदद न करे। उन्होंने दो-टूक कहा है कि अगर पाकिस्तान या तुर्की की सेनाएं सऊदी अरब के साथ मिलकर उनके खिलाफ आक्रामक कार्रवाई में शामिल हुईं, तो वे इसका कड़ा और ‘आइसन फिस्ट’ (लोहे के मुक्के) से जवाब देंगे। हूतियों ने यह भी धमकी दी है कि दखलंदाजी की स्थिति में पाकिस्तानी कमर्शियल जहाजों और व्यापारिक मार्गों को लाल सागर व बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास निशाना बनाया जा सकता है।
नवभारत टाइम्स