ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में भेजा समन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के आम आदमी पार्टी (आप) विधायक रमन अरोड़ा को आय से अधिक संपत्ति रखने से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए अगले हफ्ते यहां तलब किया। इधर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। रमन अरोड़ा जालंधर सेंट्रल विधानसभा सीट से विधायक हैं। एजेंसी ने उन्हें 2 जून तक पेश होने का कहा है।
27 मई, 2026 – जालंधर : पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा की मुसीबतें बढ़ गई हैं। विधायक रमन अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समन भेजा है। सूत्रों ने आगे बताया कि उन्हें 2 जून को केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। ED की यह जांच आय से अधिक संपत्ति के एक मामले से जुड़ी है, जिसके तहत मौजूदा विधायक को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पहले ही गिरफ्तार लिया है।
रमन अरोड़ा पंजाब विधानसभा में जालंधर सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। अरोड़ा के खिलाफ अपनी चार्जशीट में, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन पर जालंधर में दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली में शामिल होने का आरोप लगाया है।
विजिलेंस ब्यूरो के रमन अरोड़ा पर आरोप
विजिलेंस ब्यूरो का मामला उनकी कथित तौर पर 1.10 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति रखने पर केंद्रित है। गिरफ्तारी के बाद, अरोड़ा को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की जांच में कथित तौर पर यह खुलासा हुआ है कि AAP विधायक ने असिस्टेंट टाउन प्लानर (ATP) सुखदेव वशिष्ठ के साथ मिलकर गैर-कानूनी नोटिस जारी किए। इन नोटिसों के ज़रिए बिल्डिंग मालिकों को सीलिंग और तोड़फोड़ की धमकी दी गई, और मामलों को वापस लेने या सुलझाने के बदले में अवैध रिश्वत की मांग की गई।
पंजाब सीएम भगवंत मान से हुई थी शिकायत
रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद, AAP ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विश्वसनीय जानकारियों के आधार पर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की। उनके खिलाफ यह कार्रवाई जालंधर में इंजीनियर्स एंड बिल्डिंग डिज़ाइनर एसोसिएशन द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत पर आधारित थी। शिकायत में दावा किया गया था कि वशिष्ठ अक्सर अवैध पैसों की मांग करते थे और संपत्ति मालिकों को धमकाने के लिए डराने-धमकाने के हथकंडे अपनाते थे।
एक शिकायत के बाद असिस्टेंट टाउन प्लानर सुखदेव वशिष्ठ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि ATP ने कथित तौर पर रमन अरोड़ा के साथ मिलकर, रिहायशी और कमर्शियल इमारतों के मालिकों को कथित उल्लंघनों के लिए नोटिस जारी किए और उनका इस्तेमाल पैसे ऐंठने के लिए किया। रमन अरोड़ा के अलावा, इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनमें नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के दो अधिकारी भी शामिल थे।
पंजाब विजिलेंस
2 जून का पेश होने का है समन
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 2 जून को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय में केंद्रीय एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है, जिसके बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, विधायक को इससे पहले पंजाब सतर्कता ब्यूरो द्वारा कथित तौर पर 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने भी पिछले साल 23 अगस्त को अरोड़ा के खिलाफ रंगदारी मांगने का एक मामला दर्ज किया था। बाद में 22 सितंबर को जालंधर की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी।
नवभारत टाइम्स