एक भंवरे की मित्रता एक गोबरी (गोबर में रहने वाले) कीड़े से थी ! एक दिन कीड़े ने भंवरे से कहा- भाई तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र हो, इसलिये मेरे यहाँ भोजन पर आओ! भंवरा भोजन खाने पहुँचा! बाद में भंवरा सोच में पड़ गया- कि मैंने बुरे का संग किया इसलिये मुझे गोबर खाना पड़ा! अब भंवरे ने कीड़े … [Read more...] about सही संगत का सही प्रभाव
शरद पूर्णिमा
वर्ष के बारह महीनों में ये पूर्णिमा ऐसी है, जो तन, मन और धन तीनों के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है। इस पूर्णिमा को चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है, तो धन की देवी महालक्ष्मी रात को ये देखने के लिए निकलती हैं कि कौन जाग रहा है और वह अपने कर्मनिष्ठ भक्तों को धन-धान्य से भरपूर … [Read more...] about शरद पूर्णिमा
भारत का गौरवशाली इतिहास- छत्रपति शिवाजी महाराज
छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में कभी भी किसी औरत का नाच गाना नहीं होता था, महिलाओं का हमेशा सम्मान किया जाता था चाहे वह दुश्मन की बहन बेटियां हीं क्यों ना हो सभी को अपनी माता और बहन के समान समझा जाता था। महिलाओं की गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए, बेशक वह महिला किसी भी जाति या धर्म … [Read more...] about भारत का गौरवशाली इतिहास- छत्रपति शिवाजी महाराज
ਕੌਣ ਜ਼ੁੰਮੇਵਾਰ ਹੈ , ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬਿਗੜਦੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਲਈ ?
ਅਜੈਵੀਰ ਸਿੰਘ ਲਾਲਪੁਰਾ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦੇਸ਼ , ਸੂਬੇ ਤੇ ਸਮਾਜ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਜਾਂ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਅਮਨ ਸ਼ਾਂਤੀ ਪਹਿਲੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ !! ਜਿਸ ਨਾਲ ਨਿਵੇਸ਼ਕ ਉਸ ਦੇਸ਼ ਜਾ ਸੂਬੇ ਵੱਲ ਅਕ੍ਰਿਸ਼ਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ !! 1839 ਈ ਤੱਕ ਪੰਜਾਬ ਦੇਸ਼ ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਸਭ ਤੋਂ ਖੁਸ਼ਹਾਲ ਸੀ , ਕਿਉਕੀ ਇੱਥੇ ਸੰਪਰਦਾਇਕ ਏਕਤਾ ਸੀ , ਹਿੰਦੂ , ਮੁਸਲਮਾਨ ਖਾਲਸਾ ਦੇ … [Read more...] about ਕੌਣ ਜ਼ੁੰਮੇਵਾਰ ਹੈ , ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਬਿਗੜਦੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਲਈ ?
रामायण के सात काण्ड – मानव की उन्नति के सात सोपान
बालकाण्ड :- बालक प्रभु को प्रिय है क्योकि उसमेँ छल ,कपट , नही होता । विद्या , धन एवं प्रतिष्ठा बढने पर भी जो अपना हृदय निर्दोष निर्विकारी बनाये रखता है , उसी को भगवान प्राप्त होते है। बालक जैसा निर्दोष निर्विकारी दृष्टि रखने पर ही राम के स्वरुप को पहचान सकते है। जीवन मेँ सरलता का … [Read more...] about रामायण के सात काण्ड – मानव की उन्नति के सात सोपान




