अथर्ववेद में कहा गया है माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः अर्थात् पृथ्वी हमारी माता है और हम उसके पुत्र हैं। किंतु आज दुर्भाग्य से यह महान विचार हमारे आचरण का हिस्सा नहीं बन सका। प्रकृति सदैव देती रही हैवायु, जल, अन्न, वन, औषधियाँ और जीवन के लिए आवश्यक प्रत्येक संसाधन; जबकि मनुष्य … [Read more...] about तपती धरती की पुकार: जलवायु संकट की दहलीज पर खड़ी मानवता
Enviourment
विश्व पर्यावरण दिवस :- स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन : आज की सबसे बड़ी आवश्यकता
मानव जीवन और प्रकृति का संबंध अत्यंत गहरा एवं अटूट है। पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व जल, वायु, भूमि, वनस्पति तथा जैव विविधता पर निर्भर करता है। मानव जीवन और प्रकृति का संबंध अत्यंत गहरा एवं अटूट है। पृथ्वी पर जीवन का अस्तित्व जल, वायु, भूमि, वनस्पति तथा जैव विविधता पर निर्भर … [Read more...] about विश्व पर्यावरण दिवस :- स्वस्थ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन : आज की सबसे बड़ी आवश्यकता
चिंताजनक: सड़कों पर बढ़ते वाहन चढ़ा रहे वायु प्रदूषण का ग्राफ
हर तीन सेकंड में 20 नई कारें और हो रही पंजीकृत भारत में वायु प्रदूषण में अब सबसे बड़ा योगदान निजी वाहनों का है। हर तीन सेकंड में 20 कार और 70 दोपहिया वाहन रजिस्टर हो रहे हैं। प्रत्येक नई कार औसतन 3.15 किलो CO₂ प्रति किलोमीटर उत्सर्जित करती है। 2024-25 में 2.55 करोड़ वाहन पंजीकृत … [Read more...] about चिंताजनक: सड़कों पर बढ़ते वाहन चढ़ा रहे वायु प्रदूषण का ग्राफ
From floods to the future: Rethinking water together
Prof. Karamjeet Singh The recent floods in Punjab were more than a natural disaster. Fields lay submerged, families displaced, livelihoods ruined. They were a blunt reminder that our water management is broken. But behind the tragedy lies a deeper question: Why do Punjab, … [Read more...] about From floods to the future: Rethinking water together
ਪਲਾਸਟਿਕ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ’ਚ ਖਾਮੋਸ਼ ਹੋ ਰਹੀ ਪੰਛੀਆਂ ਦੀ ਚੁਹਕ
ਕਦੇ ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਸਵੇਰ ਪੰਛੀਆਂ ਦੀ ਚੁਹਕ ਨਾਲ ਗੂੰਜਦੀ ਹੁੰਦੀ ਸੀ। ਕੋਇਲ ਦੀ ਮਿੱਠੀ ਆਵਾਜ਼ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਕਾਂਜ ਦੀ ਕਾਕੜੀ ਤੱਕ, ਇਹ ਸਿਰਫ਼ ਸੁਰੀਲੇ ਸੰਗੀਤ ਨਹੀਂ ਸਨ, ਬਲਕਿ ਇਹ ਤੰਦਰੁਸਤ ਈਕੋਤੰਤਰ ਦੇ ਚਿੰਨ੍ਹ ਸਨ। ਅੱਜਕੱਲ੍ਹ ਇਹ ਆਵਾਜ਼ਾਂ ਖਾਮੋਸ਼ ਹੋ... ਕਦੇ ਦੁਨੀਆ ਵਿੱਚ ਸਵੇਰ ਪੰਛੀਆਂ ਦੀ ਚੁਹਕ ਨਾਲ ਗੂੰਜਦੀ ਹੁੰਦੀ ਸੀ। ਕੋਇਲ ਦੀ ਮਿੱਠੀ … [Read more...] about ਪਲਾਸਟਿਕ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ’ਚ ਖਾਮੋਸ਼ ਹੋ ਰਹੀ ਪੰਛੀਆਂ ਦੀ ਚੁਹਕ




