Jaibans Singh On the 15th Day of Bhadon (Full moon), 1604, that falls on 24 August this year, the Sri Guru Granth Sahib was ceremonially installed in the inner sanctuary at Sri Harmandir Sahib, Amritsar. Baba Buddha Ji opened it with reverence to obtain from it the … [Read more...] about Sri Guru Granth Sahib
Religious Studies
मीरी-पीरी दिवस : क्यों पहनी थी ‘गुरु हरगोबिंद जी’ ने मीरी-पीरी की दो तलवारें?
5 जुलाई, इतिहास का वह दिव्य दिवस है जब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने "मीरी" और "पीरी" — सांसारिक सत्ता और आध्यात्मिक शक्ति — के अद्भुत संतुलन की स्थापना की। यह दिन सिर्फ एक धार्मिक घोषणा नहीं, बल्कि सत्ता के अन्याय के विरुद्ध आत्मरक्षा का वैदिक उद्घोष था। ‘अकाल … [Read more...] about मीरी-पीरी दिवस : क्यों पहनी थी ‘गुरु हरगोबिंद जी’ ने मीरी-पीरी की दो तलवारें?
अमरनाथ यात्रा आतंक के विरुद्ध भी एक बहुत बड़ा संदेश देने जा रही
इन मार्गों पर रियल टाइम निगरानी रखने तथा अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए सभी पंजीकृत तीर्थयात्रियों और सेवा प्रदाताओं के लिए आरएफआइडी-आधारित ट्रैकिंग प्रणाली शुरू की गई है। लाइव फीड के माध्यम से यात्रा मार्ग की चौबीसों घंटे निगरानी द्वारा तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई … [Read more...] about अमरनाथ यात्रा आतंक के विरुद्ध भी एक बहुत बड़ा संदेश देने जा रही
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा : क्या है रथ यात्रा का इतिहास और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत?
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथकी रथ यात्रा का 7 जुलाई से शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से शुरू होकर दशमी तक चलती है। इस यात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस रथ यात्रा में शामिल होने का पुण्य 100 … [Read more...] about भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा : क्या है रथ यात्रा का इतिहास और कैसे हुई थी इसकी शुरुआत?
ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਪ੍ਰਸਾਰ ਲਈ ਨਵੀਂ ਸੋਚ ਤੇ ਆਗੂਆਂ ਦੀ ਲੋੜ
ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਲਾਲਪੁਰਾ ਕੌਮ ਦੀ ਤਰੱਕੀ ਤੇ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ ਲਈ ਦੂਰ ਅੰਦੇਸ਼ ਤੇ ਸਮਰਪਿਤ ਆਗੂ ਹੋਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ । ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਗੋਬਿੰਦ ਸਿੰਘ ਸਾਹਿਬ ਜੀ ਨੇ ਨੰਦੇੜ ਤੋਂ ਬਾਬਾ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਨੂੰ ਥਾਪੜਾ ਦੇ ਕੇ ਪੰਜਾਬ ਵੱਲ ਭੇਜਿਆ ਅਤੇ ਉਸ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰ ਸਿੰਘ ਵੀ ਸਹਾਇਕ ਤੇ ਸਲਾਹਕਾਰ ਵਜੋਂ ਭੇਜੋ । ਪਰ ਬਾਬਾ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਦੀ … [Read more...] about ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦੇ ਪ੍ਰਚਾਰ ਪ੍ਰਸਾਰ ਲਈ ਨਵੀਂ ਸੋਚ ਤੇ ਆਗੂਆਂ ਦੀ ਲੋੜ




