साल भर में यूं धरे गए 457 पाकिस्तानी जासूस
ऑपरेशन सिंदूर में जब पाकिस्तान बुरी तरह हार गया तो उसने भारत में अपने जासूसी नेटवर्क को बहुत ज्यादा सक्रिय कर दिया। लेकिन, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उनके इरादे सफल होने से पहले ही उनका पर्दाफाश कर दिया।
09 मई, 2026 – नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कम से कम 457 पाकिस्तानी जासूसों को गिरफ्तार किया है। ये पाकिस्तानी जासूस 2025 के मई के बाद से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पकड़े हए हैं, जो ISI के इशारे पर भारत से संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान भेजने के फिराक में लगे हुए थे।
पंजाब पुलिस की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने ऑपरेशन सिंदूर में हार के बाद भारत के खिलाफ जासूसी अभियान छेड़ दिया था।
ISI की जासूसी का बड़ खेल
रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने भारत में मिलिट्री की मूवमेंट, रणनीतिक ठिकानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में उनकी तैनाती से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां जुटाने के लिए ये साजिश रची। द ट्रिब्यून ने यह रिपोर्ट दी है।
पूरी साजिश समय रहते हुई नाकाम
- रिपोर्ट के अनुसार ISI ने इस मुहिम कई तरह से अंजाम देने की कोशिश की।
- सोशल मीडिया, हनी ट्रैपिंग और कैश का प्रलोभन देकर भारत में टारगेट को फंसाया।
- हवाला चैनल और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का भी इसके लिए इस्तेमाल किया।
- कुछ जासूस मिलिट्री और पुलिस ठिकानों के नजदीक सौर ऊर्जा वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने में सफल भी हो गए, लेकिन उनका समय पर पर्दाफाश हो गया और ISI के मनसूबे पर पानी फिर गया।
पुलिस ने पाकिस्तानी साजिश को किया फेल
पंजाब के डीजीपी के हवाले से रिपोर्ट दी गई है कि उन्होंने केंद्रीय और राज्यों की एजेंसियों से कई खुफिया जानकारियां साझा कीं।
इस आधार पर 2025 में 437 और मार्च 2026 तक 17 ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो भारतीय मूल के लोगों (PIOs) के साथ संपर्क में थे।
पंजाब पुलिस प्रो-एक्टिव है, क्योंकि प्रदेश ISI के टारगेट पर सबसे पहले है। हमारे इनपुट ने एक प्रो-एक्टिव अप्रोच को संभव बनाया, जिसकी वजह से न केवल गिरफ्तारियां हुईं, बल्कि संवेदनशील जानकारी लीक होने से पहले ही संदिग्धों को वक्त रहते ही रोक भी लिया गया।
गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब
सिम-वाले सोलर कैमरों का इस्तेमाल
- पाकिस्तान के नए जासूसी हथकंडों के बारे में अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पाया है कि ISI के गुर्गों ने नए तरह से अपनी नापाक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की है।
- इसके तहत लोकल जासूसों के माध्यम से सिम-वाले सोलर कैमरे मिलिट्री ठिकानों के आसपास लगाने की कोशिशें हुईं।
- इसके माध्यम से ISI दूर से ही सैन्य गतिविधियों पर नजर रख सकती थी, जिनकी फीड उन्हें सीमा पार बैठे हैंडलरों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती थी।
- लेकिन, अच्छी बात ये रही कि ISI के ये जासूस अपने खौफनाक इरादों को अंजाम देने में कामयाब होते, उससे पहले ही उनकी पोल खुल गई और उन्हें पकड़ लिया गया।
नवभारत टाइम्स