14 मई तक होगी स्व-गणना, 15 से 30 जून तक घर-घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी
30 अप्रैल, 2026 – चण्डीगढ़-पंजाब : केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच पहले चरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने स्व-गणना की प्रक्रिया को मई में लागू किया है और डोर टू डोर सर्वे 15 मई से शुरू करने का फैसला लिया है।
पंजाब में जनगणना के पहले चरण की शुरुआत आज से हो रही है। इस चरण में 14 मई तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी जिसमें लोग मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे।
जिन लोगों के पास मोबाइल या इंटरनेट सुविधा नहीं है उनकी मदद के लिए फील्ड कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। इस दौरान घरों की सूची तैयार की जाएगी जबकि 15 मई से 30 जून तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
इस प्रक्रिया में लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें घर में गाड़ियों की संख्या, लैपटॉप या कंप्यूटर की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा और पीने के पानी का मुख्य स्रोत जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा घर की बुनियादी सुविधाओं और स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे।
पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग पहले ही नगरपालिका और वार्ड सीमाओं का रिकॉर्ड तैयार कर चुका है। अमृतसर, जालंधर और मलेरकोटला में प्री-टेस्ट भी किया गया था जिससे प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों को पहले ही समझ लिया गया।
घर की संरचना और सुविधाओं पर खास फोकस
घरों की सूची तैयार करते समय गणनाकर्मी भवन संख्या, फर्श दीवार और छत की सामग्री, घर के उपयोग और उसकी स्थिति से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ परिवार संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और विवाहित दंपतियों की संख्या भी पूछी जाएगी। स्नान सुविधा, रसोईघर और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन जैसी सुविधाओं का ब्योरा भी लिया जाएगा।
अधिकारियों की तैनाती और अगला चरण तय
जनगणना प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभाग ने अतिरिक्त, संयुक्त और सहायक आयुक्त के साथ नगर योजनाकार, अधीक्षक अभियंता और नगर निगम इंजीनियरों की तैनाती की है। ये सभी अधिकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
अमर उजाला