मनीष सिसोदिया ने बुलाई थी ऑब्जर्वरों की बैठक
पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया जालंधर में मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों के साथ होनी थी, लेकिन अब इसमें विधायक भी पहुंचे रहे हैं।
30 अप्रैल, 2026 – जालंधर: पंजाब की सियासत में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। इस सात सांसदों में से 6 पंजाब से थे। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर टूट की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी के चलते पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने जालंधर में एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में करीब 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वर्स को शामिल होने के लिए कहा गया था। हालांकि, इस बैठक में कई विधायक और मंत्री भी पहुंच रहे हैं। इससे इसके राजनीतिक महत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ये मीटिंग 4 महीने पहले से चल रहे प्रोसैस का हिस्सा है। पंजाब में इलेक्शन इयर है और हम उसी को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। आब्जर्वर ने हर गली मोहल्ले में जाकर रिपोर्ट तैयार की हैं। उनको रिपोर्ट को आज पेश किया जाएगा।
नकोदर से आम आदमी पार्टी की विधायक इंद्रजीत कौर मान
बैठक में होगी इन बातों पर चर्चा
पहले यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की जानी थी, लेकिन बाद में स्थान बदलकर शहर से बाहर स्थित शाहपुर कैंपस कर दिया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। बताया जा रहा है कि बैठक में संगठन की स्थिति, जमीनी फीडबैक और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे शुरू हुई इस बैठक में 25 से अधिक विधायक शामिल हो चुके हैं और ऑब्जर्वर्स का पहुंचना जारी है।
हमारी ऐसी मीटिंग होती रहती हैं। अभी तो अंदर जाकर ही पता चलेगा कि इस मीटिंग में क्या है। जो मेंबर गए हैं वो बीजेपी के साथ सेटिंग में थे। उनको ऐश ओ आराम की जिंदगी चाहिए थी। ये लोग अपने एथिक्स के साथ कंप्रोमाइज कर चले गए।
आप विधायक सोनिया मान
आप का दावा-सभी विधायक एकजुट
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह एक नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे ‘आपात बैठक’ बताना विपक्ष कआ गलत दावा है। आप नेताओं ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह पार्टी को अस्थिर दिखाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, कुछ नेताओं ने पार्टी छोड़ने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत स्वार्थ और सुविधाओं के लिए गए हैं। उनका यह भी दावा है कि पार्टी में किसी तरह की टूट नहीं है और सभी विधायक एकजुट हैं।
नवभारत टाइम्स