कैंट से पाकिस्तान भेजी गईं Indian Army की 25 हजार फुटेज, ISI के 3 SPY गिरफ्तार
पंजाब में ISI के बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़। आरोपियों ने आर्मी कैंट के पास जासूसी कैमरे लगाकर पाकिस्तान को 25,000 से अधिक लाइव फुटेज भेजीं। पुलिस ने 3 जासूसों को गिरफ्तार किया है।
01 मई, 2026 – पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित दो जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पंजाब पुलिस के अनुसार इन संगठित अपराध और सीमा पार से संचालित जासूसी गतिविधियों के दो अलग-अलग जासूसी मॉड्यूल के द्वारा संवेदनशील सैन्य ठिकानों जैसे आर्मी कैंट के पास दुकान से निगरानी और उनकी लाइव 25 हजार फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों तक पहुंचाई जा रही थी।
जासूसी का ‘चीनी’ कनेक्शन : 4G सिम और सोलर कैमरों से निगरानी
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर की टीम ने पहले मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए फिरोजपुर के गांव सहांके निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चार जी कनेक्टिविटी वाला एक चीनी सीसीटीवी कैमरा और सोलर प्लेट बरामद की गई है।
कपूरथला पुलिस के साथ चला संयुक्त अभियान
वहीं दूसरे मॉड्यूल का खुलासा कपूरथला पुलिस ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान के दौरान किया। इस मामले में दो आरोपियों सोना निवासी दोना मट्टर और संदीप सिंह उर्फ सोनू निवासी छांगा खुर्द को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन, एक सिम आधारित सीसीटीवी कैमरा और एक वाई फाई सेट बरामद किया है।
आर्मी कैंट के पास किराए पर दुकान लेकर शुरू की थी जासूसी
जांच में सामने आया है कि ये आरोपी विभिन्न स्थानों पर रणनीतिक तरीके से सिम आधारित और सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगा रहे थे। इन कैमरों के जरिए सेना से जुड़े प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जा रही थी। इसके बाद मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से यह फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को भेजी जाती थी। कपूरथला मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने आर्मी कैंट के पास एक दुकान किराए पर लेकर वहां से निगरानी का काम शुरू किया था।
25 हजार फुटेज और ‘फौजी’ हैंडलर : कैसे रची गई पूरी साजिश?
एक पाकिस्तानी हैंडलर का नाम सामने आया है, जिसे ‘फौजी’ नाम से जाना जाता है, ने कैमरे लगाने के लिए आरोपियों को पैसे भी दिए थे। इसके अलावा संदीप सिंह के नशा तस्करी से जुड़े होने और ड्रोन के जरिए भेजी गई हेरोइन की सप्लाई में शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। इस संबंध में दो अलग-अलग मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
जांच में सामने आया है कि इन कैमरों के जरिए सेना क्षेत्र की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जा रही थी। यह फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को भेजी जा रही थी। पुलिस के अनुसार एक महीने के भीतर करीब 25 हजार से अधिक फुटेज भेजी गई है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है।
पहले भी नशा तस्करी में आरोपित हो चुका गिरफ्तार
यह भी सामने आया है कि आरोपित संदीप सिंह पहले से ही नशा तस्करी के मामले में वांछित था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में तीन अन्य आरोपितों की भी पहचान की गई है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और किन-किन स्थानों से जानकारी एकत्र कर भेजी जा रही थी। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पांचजन्य