‘यह सिर्फ भारत का नहीं, हमारा भी दर्द है’
Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर इजरायल ने भारत के प्रति एकजुटता जताते हुए पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में भारत और इजरायल साथ खड़े हैं।
23 अप्रैल, 2026 – नई दिल्ली: आज पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा हो गया है। 22 अप्रैल 2025 का वो काला दिन आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है, जब इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था और हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई थी। इस हमले ने 26 परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। जिन लोगों ने अपने अपनों को आतंकियों की गोलियों के बीच खोया, वे आज भी उस खौफनाक मंजर को याद कर सिहर उठते हैं।
वक्त जरूर आगे बढ़ रहा है, लेकिन उन घरों में अपनों की कमी का दर्द आज भी उतना ही गहरा है, जो उन्हें चैन से जीने नहीं देता। इस घटना की गूंज सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी कड़ी निंदा की गई और पूरी दुनिया ने इस दुख की घड़ी में भारत के साथ एकजुटता दिखाई। आतंक के खिलाफ इस जंग में इजराइल हर कदम पर भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।
पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को याद किया और दोहराया कि इजरायल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने एक वीडियो संदेश भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती और इस खतरे का सामना करने में भारत और इजरायल एकजुट हैं।
इजरायली राजदूत ने किया हमास के आतंकी हमले का जिक्र
अजार ने कहा, ‘इजरायल की ओर से, मैं पीड़ितों के परिवारों और भारत के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। दुख की इस घड़ी में हम आपके साथ एकजुटता से खड़े हैं।’ इस दौरान रूवेन अजार ने हमास की तरफ से 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर किए गए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए (इजरायल में) यह दर्द बहुत जाना-पहचाना है। 7 अक्टूबर को हमने अपने ही लोगों के खिलाफ ऐसी ही क्रूरता देखी थी। यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि आतंकवाद की कोई सीमा नहीं होती। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में भारत और इजरायल एकजुट हैं।’
पहलगाम आतंकी हमले में 26 बेकसूर लोगों की दुखद मौत को एक साल बीत चुका है। हम उन्हें याद करते हैं। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इजरायल भारत के साथ खड़ा है।
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार
धर्म पूछकर पर्यटकों को उतारा मौत के घाट
पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जब पर्यटकों को निशाना बनाया गया। हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मारे गए लोगों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू चालक शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी। हमले को ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने अंजाम दिया था, जो पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का ही एक हिस्सा है। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। भारत की इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकवादियों के अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
नवभारत टाइम्स