हजार ताले भी आतंकवादियों को बचा नहीं पाएंगे, ; यूं ही नहीं उड़ी ISI चीफ की नींद
इस्लामाबाद में हिजबुल का टॉप कमांडर सज्जाद अहमद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इससे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी काफी परेशान हो गई है।
02 मई, 2026 – नई दिल्लीः हिज़्बुल मुजाहिदीन के एक वरिष्ठ कमांडर सज्जाद अहमद कथित तौर पर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया। इस घटना से देश में सक्रिय आतंकवादियों से जुड़ी उन रहस्यमयी हत्याओं की बढ़ती कड़ी में एक और मामला जुड़ गया है, जिनकी वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
असल में, पाकिस्तान के सामने आजकल नई समस्या खड़ी हो गई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख असीम मलिक और पाकिस्तान आर्मी के प्रमुख एयर मार्शल असीम मुनीर एक नॉन गनमैन से परेशान हैं। पूर्व जासूस लकी बिष्ट ने दावा किया है कि आए दिन पाकिस्तान में कोई न कोई आतंकवादी मारा जा रहा है। इसी बात से पाकिस्तानी सेना और वहां का खुफिया विभाग परेशान हैं।
नॉन गनमैन ने उड़ाई इस्लामाबाद की नींद
लकी बिष्ट ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है और दावा किया है कि इस्लामाबाद में एक नॉन गनमैन की काफी चर्चा है। लकी बिष्ट ने कहा है कि ISI प्रमुख असीम मलिक और एयर मार्शल असीम मुनीर आजकल डिस्टर्ब हैं। इसकी वजह पाकिस्तान का अफगानिस्तान के साथ चल रही गोलीबारी नहीं बल्कि एक नॉन गनमैन है। इस्लामाबाद में यही चर्चा है कि इस नॉन गनमैन ने पाकिस्तानियों की नींद खराब कर रखी है। पिछले छह साल से नॉन गनमैन ने उन्हें परेशान करके रख दिया है।
सज्जाद अहमद को इस्लामाबाद में घर में मार दिया
लकी बिष्ट ने कहा कि नॉन गनमैन कभी जैश के कमांडर को मारता है तो कभी लश्कर ए तैयबा को मार गिराता है। शुक्रवार को सज्जाद अहमद को इस्लामाबाद में घर में मार दिया। सज्जाद अहमद हिजबुल का बड़ा कमांडर था। ISI वाले इस नॉन गनमैन से इतने परेशान है कि अब बोलने लगे हैं कि अब वो जनाजे में जा जाकर थक गए हैं।
हजार ताले भी आतंकवादियों को नहीं बचा पाएंगे
लकी बिष्ट ने कहा कि पाकिस्तान के सभी आतंकवादियों के लिए एक संदेश है कि ISI के हजार ताले भी उन्हें बचा नहीं पाएंगे। जिसने भी भारत के बारे में गलत सोचा है उन्हें मरना होगा।
नवभारत टाइम्स
पाकिस्तान में जैश के एक और टॉप कमांडर की मौत, संसद और पुलवामा हमले में था शामिल
पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर मौलाना सलमान की बहावलपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह मसूद अजहर का करीबी था और 2001 संसद व 2019 पुलवामा हमलों में शामिल था।
02 मई, 2026 – नई दिल्ली : पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को पाकिस्तान के बहावलपुर में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से जैश के शीर्ष कमांडर मौलाना सलमान की मौत हो गई।
वह जैश सरगना मसूद अजहर का करीबी था और भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल था। इनमें 2001 का संसद हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल है। वह ऐसे लोगों में से एक था जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश के बहावलपुर मुख्यालय पर हुई बमबारी में घायल हुआ था।
जनाजे में शामिल हुए ISIएस के अधिकारी
मौलाना सलमान को बुधवार शाम को ही बहावलपुर के मरकज सुभानअल्लाह में दफना दिया गया। उसके जनाजे में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के कुछ अधिकारी भी शामिल हुए, जो आतंकी संगठन को पाकिस्तान के सरकारी प्रतिष्ठान के समर्थन को दर्शाता है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए कई आतंकियों के अंतिम संस्कार में भी पाकिस्तानी सेना और ISI के कई अधिकारी शामिल हुए थे। भारतीय सेना के इस आपरेशन में जैश के कई बड़े कमांडर और मसूद अजहर के परिवार के सदस्य मारे गए थे।
संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए हैं कई आतंकी
मौलाना सलमान से पहले भी जैश और लश्कर के शीर्ष कमांडर या आतंकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मारे गए हैं। सलमान की मौत से ठीक दो दिन पहले लश्कर के शीर्ष आतंकी शेख यूसुफ अफरीदी की खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। पिछले वर्ष जैश के मुख्य रणनीतिकार मौलाना अब्दुल अजीज अजर की भी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिस पर से अभी तक पर्दा नहीं हटा है।
इसी वर्ष 16 अप्रैल को लश्कर के संस्थापक सदस्यों में से एक मौलाना आमिर हमजा पर अज्ञात बंदूकधारियों ने फायरिंग की, जब वह अपनी गाड़ी के अंदर बैठा था। खबरों के मुताबिक वह इस हमले में बच गया है। पिछले वर्ष मार्च में लश्कर के एक शीर्ष आतंकी अबू नताल को भी पाकिस्तानी पंजाब के झेलम जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ये दोनों संगठन फिर से मजबूत होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन रहस्यमय परिस्थितियों में इन मौतों से दोनों संगठनों को जबर्दस्त झटका लगा है।
जैश व लश्कर में नेतृत्व का संकट
खबर है कि जैश और लश्कर दोनों ही संगठनों में नेतृत्व का संकट गहरा गया है। पुष्ट खबर है कि मसूद अजहर की सेहत बहुत अधिक खराब है। ISI के निर्देशन में जैश अब नया नेतृत्व खड़ा करने का प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तानी मीडिया पर अजहर से जुड़ी कोई भी खबर दिखाने पर ‘अघोषित प्रतिबंध’ है। लश्कर की स्थिति भी ऐसी ही है। कई लोग उसके सरगना हाफिज सईद पर सवाल उठा रहे हैं और उसमें नए नेतृत्व की मांग जोर पकड़ रही है।
दैनिक जागरण