19 जून, 2026 – नई दिल्ली : बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक गुरुद्वारे के भीतर सिख सेवादार जगन्नाथ और उनकी पत्नी असमा वंती की हत्या की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं है, बल्कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार बनी हुई असुरक्षा, भय और उत्पीड़न की स्थिति को एक बार फिर उजागर करती है। उनके अनुसार, पूजा स्थल शांति और श्रद्धा का केंद्र होते हैं, लेकिन वहां हुई यह हिंसक घटना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान में सिख, हिंदू, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले बार-बार सामने आते रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। तमाम आश्वासनों के बावजूद, वहां का तंत्र अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की प्रभावी रूप से रक्षा करने में असफल रहा है।
आर. पी. सिंह ने इस घटना के दोषियों की तत्काल पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने की मांग की और पाकिस्तान सरकार से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने तथा अल्पसंख्यक समुदायों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपेक्षा जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसे मामलों पर चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार सार्वभौमिक मूल्य हैं और इनका पालन सभी देशों में समान रूप से होना चाहिए।अंत में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ उन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाती हैं जिनमें अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर लगातार बहस होती रही है, और यह मुद्दा गंभीरता से विचार करने योग्य है।
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