26/11 के मास्टरमाइंड लखवी के रिश्तेदार हाफिज को मारी गोली
02 सितंबर, 2026 – हाफिज जुल्फिकार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों की भर्ती करता था।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें यह दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में एक अज्ञात हमलावर ने हाफिज जुल्फिकार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। हाफिज जुल्फिकार को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों की भर्ती करने वाला और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
वायरल फुटेज में गोली मारते दिखा शख्स
यह वायरल वीडियो शुक्रवार (28 अगस्त 2026) दोपहर करीब डेढ़ बजे का है। सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स आगे जा रहा है, तभी पीछे से दूसरा व्यक्ति दौड़ता हुआ आता है और उसके सिर में गोली मार देता है। गोली लगने के बाद वह व्यक्ति वहीं ढेर हो जाता है, जबकि हमलावर मौके से भाग जाता है। यह घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो जाती है। वायरल वीडियो में मारे गए व्यक्ति की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यूजर्स बता रहे 26/11 के मास्टरमाइंड लखवी का रिश्तेदार
यह वीडियो पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “छिपने की कोई जगह नहीं, मरना ही सबसे अच्छा है।” उनका इशारा जाहिर तौर पर उन लोगों की ओर था, जो आतंकी गातिविधियों में लिप्त हैं। सोशल मीडिया पर कंवलजीत अरोड़ा नाम के यूजर ने दावा किया कि हाफिज जुल्फिकार जैश-ए-मोहम्मद के लिए लोगों की भर्ती करने वाला और 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी-उर-रहमान लखवी का रिश्तेदार था। जबकि दूसरे पोस्ट में इस घटना को पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारी का एक और हमला बताया जा रहा है।
लखवी का आतंकी कनेक्शन
हाफिज जुल्फिकार को लेकर किए जा रहे दावों में सबसे महत्वपूर्ण नाम जकी-उर-रहमान लखवी का है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार, लखवी लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेशनल चीफ और सैन्य कमांडर था। वह कई आतंकी हमलों की साजिश और संचालन से जुड़े प्रमुख आरोपियों में गिना जाता है। लखवी उन मुख्य आरोपियों में भी शामिल है, जो 26 नवंबर, 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने से जुड़े थे। इन हमलों में 10 आतंकवादी समुद्र के रास्ते आए थे और उन्होंने पूरे शहर में एक साथ कई हमले किए थे। तीन दिन तक चले इन हमलों में 166 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।
पांचजन्य