भारत में हुए कई हमलों का मास्टर माइंड है हमजा
लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक आमिर हमजा को लाहौर में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है। वह गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है।
17 अप्रैल, 2026 – नई दिल्ली : पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमजा को लाहौर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है। उसे फिलहाल एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमजा ने 1985 और 1986 के बीच आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की स्थापना की थी। उसका नाम भारत और दुनियाभर में कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। हाफिज सईद के बाद उसे लश्कर का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण नेता माना जाता है और अमेरिका ने भी एक आतंकी घोषित किया हुआ है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलीबारी की।
कौन है आमिर हमजा?
1959 में जन्मा हमजा एक बड़ा आतंकी है। LeT के एक शीर्ष विचारक के तौर पर वह एक जोशीले वक्ता और लेखक के रूप में जाना जाता है। एक समय उसने इस आतंकी समूह के आधिकारिक प्रकाशन का संपादन भी किया था। उसने कई किताबें भी लिखीं, जिनमें 2022 में प्रकाशित ‘काफिला दावत और शहादत’ (प्रचार और शहादत का कारवां) भी शामिल है।
2018 में लश्कर से खुद को कर लिया था अलग
2018 में पाकिस्तानी सरकार द्वारा जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसे चैरिटी संगठनों के जरिए LeT के फंडिंग चैनलों पर की गई सख्त कार्रवाई के बाद हमजा ने कथित तौर पर खुद को लश्कर से अलग कर लिया था।
बाद में उसने ‘जैश-ए-मनकफा’ नाम से एक अलग गुट बनाया और LeT के लिए फंड जुटाना जारी रखा। इस पैसे का इस्तेमाल उसने जम्मू-कश्मीर सहित अन्य जगहों पर आतंकी गतिविधियों को फंड करने के लिए किया।
दैनिक जागरण
पाकिस्तान में ढेर हो रहे भारत के मोस्ट-वांटेड आतंकी, कौन है हमलों के पीछे का मास्टरमाइंड?
आतंकी हाफिज सईद के करीबी और लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक आमिर हमजा को लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
17 अप्रैल, 2026 – नई दिल्ली : आतंकी हाफिज सईद के करीबी और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापकों में से एक आमिर हमजा को लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी।
उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और हालत गंभीर बताई जा रही है। लश्कर-ए-तैयबा कई आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है, जिनमें भारत में किए गए हमले भी शामिल हैं। माना जाता है कि उसने 2005 में बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान पर हुए आतंकी हमले की साजिश रचने में मदद की थी, जो कश्मीर के बाहर लश्कर के पहले बड़े हमलों में से एक था।
पुलिस ने क्या बताया
पुलिस के अनुसार, अज्ञात बंदूकधारियों ने गृह मंत्री मोहसिन नकवी के स्वामित्व वाले निजी टीवी चैनल के वाहन पर गोलीबारी की। चैनल के एक कार्यक्रम के होस्ट के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) नजीर अहमद गाजी वाहन में सवार थे। वह शो की रिकार्डिंग पूरी कर घर लौट रहे थे।
उनके साथ वाहन में हमजा भी सवार था। दो अज्ञात हथियारबंद मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और लाहौर के पेको रोड पर चैनल के कार्यालय के पास गोलीबारी की। हमले में हमजा को गोली लगी।
हाफिज के बाद लश्कर का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण सरगना
IANS के अनुसार, हमजा आतंकी हाफिज सईद के बाद लश्कर का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण सरगना माना जाता है। उसने हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी, जिसे दिसंबर 2001 में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी इकाई घोषित किया गया था।
हालांकि, प्रतिबंध के बावजूद, लश्कर-ए-तैयबा और इसके संस्थापक पाकिस्तान और पूरे क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से सक्रिय रहे और भारत सहित दुनिया भर में आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।
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