• Skip to main content
  • Skip to secondary menu
  • Skip to primary sidebar
  • Skip to footer
  • Home
  • About Us
  • Authors
  • Contact Us

The Punjab Pulse

Centre for Socio-Cultural Studies

  • Areas of Study
    • Maharaja Ranjit Singh
    • Social & Cultural Studies
    • Religious Studies
    • Governance & Politics
    • National Perspectives
    • International Perspectives
    • Communism
  • Activities
    • Conferences & Seminars
    • Discussions
  • News
  • Resources
    • Books & Publications
    • Book Reviews
  • Icons of Punjab
  • Videos
  • Academics
  • Agriculture
  • General

12 बरस की सफलताएं और विफलताएं

June 4, 2026 By Guest Author

Share

यह आवश्यक ही नहीं, अनिवार्य है कि मोदी सरकार अपनी 12 बरस की उपलब्धियों को गिनाते समय इस पर गंभीरता से ध्यान दे कि उसे कुछ विफलताएं भी हाथ लगी हैं, जिनके कारण देश में बेचैनी बढ़ रही है।

राजीव सचान

सेवा, साहस और संकल्प के 12 वर्ष! 🇮🇳✨, वर्ष 2014 सिर्फ सत्ता परिवर्तन  नहीं, बल्कि नए भारत की शुरुआत थी।, प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi के  नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में शासन को अधिकार नहीं, सेवा और ...

मोदी सरकार अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे करने जा रही है। यह तय है कि इस अवसर पर उसकी ओर से अपनी उपलब्धियों का बखान किया जाएगा। इसके लिए भाजपा की ओर से एक अभियान चलाया जाने वाला है, जिसमें लोगों को मोदी सरकार की उपलब्धियों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। निःसंदेह मोदी सरकार के पास अपनी उपलब्धियों के बारे में बताने के लिए बहुत कुछ है और यह हर सरकार का अधिकार है कि वह उनके बारे में जनता को अवगत कराए। यदि मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करें तो उनकी एक लंबी सूची है।

इन उपलब्धियों में कई ऐसे साहसिक फैसले हैं, जिनमें से कुछ के बारे में यह कल्पना करना कठिन था कि कोई सरकार ऐसे फैसले ले पाएगी, जैसे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना, पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक करना और फिर आपरेशन सिंदूर। ये दोनों सैन्य अभियान इस मायने में विशेष रहे कि विश्व में पहली बार किसी परमाणु हथियार संपन्न देश ने दूसरे ऐसे ही देश पर हवाई हमले किए। हालांकि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया, लेकिन यदि मोदी सरकार नहीं होती तो शायद यह रास्ता बाधित ही रहता और राम मंदिर का निर्माण आनन-फानन नहीं होता। मोदी सरकार अपने तीसरे कोर एजेंडे समान नागरिक संहिता की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

जीएसटी लागू होना भी इस सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। वैसे तो नोटबंदी भी एक साहसिक फैसला था, लेकिन इसके वैसे सकारात्मक परिणाम प्राप्त नहीं हुए, जैसे अपेक्षित थे। माओवाद का खात्मा भी मोदी सरकार की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। कुछ वर्षों पहले तक माओवाद का खात्मा असंभव सा दिखता था, पर मोदी सरकार और विशेष रूप से गृह मंत्री अमित शाह ने इसे संभव कर दिखाया और वह भी तय समय में। पिछले 12 वर्षों में आधारभूत ढांचे के निर्माण में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है। देश भर में सड़कों का तेजी से निर्माण हुआ है। इसी तरह पुल, बिजलीघर, हवाई अड्डे निर्मित हुए हैं और रेल सुविधाओं का विकास हुआ है।

ग्रामीण विकास की योजनाओं ने भी रफ्तार पकड़ी है। देश में डिजिटलीकरण भी द्रुत गति से हुआ है। इसके चलते भारत डिजिटल लेनदेन के मामले में विश्व में अग्रणी है। विकास के साथ ही प्रभावशाली जनकल्याणकारी योजनाओं की भी एक लंबी सूची है। इन योजनाओं ने आम आदमी का जीवन बदला है। शौचालय निर्माण, उज्ज्वला, आवास, बिजली, आयुष्मान, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन संबंधी जैसी योजनाओं ने सचमुच लोगों को लाभान्वित किया है। जनधन योजना निर्धन जनता के वित्तीय समावेशन की एक बड़ी मिसाल हैं। इन योजनाओं के चलते करोड़ों लोगों को गरीबी के दायरे से बाहर निकालने में मदद मिली है। मोदी सरकार ने यह सिद्ध कर दिखाया है कि उसे जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना आता है। इन 12 वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर भी बहुत काम हुआ है।

यदि आज भाजपा के नेतृत्व वाली राजग की 22 राज्यों में सरकारें हैं तो इसका एक बड़ा कारण मोदी सरकार की रीति-नीति है। भाजपा कुछ अजेय समझे जाने वाले राज्यों में अपनी सरकार बनाने में सफल रही है। आज विपक्ष के लिए उसका मुकाबला करना कठिन हो रहा है। कोई भी सरकार हो, उसकी प्रत्येक योजना कसौटी पर खरी नहीं उतरती। ऐसा ही मोदी सरकार की कुछ योजनाओं के साथ हुआ है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी हैं। किसानों की आय दोगुनी करने का भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। आम तौर पर हर सरकार के समय महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे रहते हैं। मोदी सरकार के लिए भी ये चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

अब जब मोदी सरकार अपने 12 साल की उपलब्धियों का गुणगान करने में जुटने वाली है, तब किसी को उसका ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहिए कि कुछ ऐसे मोर्चों पर उसे विफलता हाथ लगी है, जिनमें उसे सफलता अर्जित करनी चाहिए थी, जैसे शिक्षा और परीक्षाओं की सूरत बदलनी चाहिए थी, लेकिन नई शिक्षा नीति के बाद भी शिक्षा का हाल संतोषजनक नहीं और परीक्षाओं, विशेषरूप से प्रतियोगी परीक्षाओं का हाल तो बहुत ही बुरा है। इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारें एक ही नाव पर सवार हैं। रह-रहकर प्रश्नपत्र लीक होते रहते हैं। मोदी सरकार की एक बड़ी विफलता न्याय को सुलभ और सुगम न बना पाना है।

लचर न्यायिक तंत्र देश के विकास में एक बड़ी बाधा है। इसी तरह की एक बड़ी बाधा सरकारी कामकाज में व्याप्त भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार लाइलाज हो गया दिखता है। जहां निर्माण वहां तो भ्रष्टाचार है ही, इसके अलावा जहां कहीं भी सरकारी अनुमति, अनुमोदन आदि की आवश्यकता होती है, वहां भी लेन-देन होता है। स्मार्ट सिटी योजना भी कुल मिलाकर नाकाम ही रही और हमारे शहर बेतरतीब विकास की कहानी कहने के साथ विकसित भारत के लक्ष्य का बड़ी बाधा बने हुए हैं। यह आवश्यक ही नहीं, अनिवार्य है कि मोदी सरकार अपनी 12 बरस की उपलब्धियों को गिनाते समय इस पर गंभीरता से ध्यान दे कि उसे कुछ विफलताएं भी हाथ लगी हैं, जिनके कारण देश में बेचैनी बढ़ रही है।

(लेखक दैनिक जागरण में एसोसिएट एडिटर हैं)

दैनिक जागरण


Share

Filed Under: National Perspectives, Stories & Articles

Primary Sidebar

Mahraja Ranjit Singh Portal

Maharaja Ranjit Singh is an icon of Punjab and Punjabis. He is also called Sher-e-Punjab (Lion of Punjab) in view of the respect that is due to him for his bravery and visionary leadership which led to the creation of the Sikh Empire (Sarkaar-e-Khalsa). The Punjab Pulse has dedicated a portal to the study of the Maharaja with the view to understand his life and identify his strengths for emulation in our culture and traditions. The study will emcompass his life, his reign, his associates, his family and all other aspects pertaining to the Sikh Empire.

Go to the Portal

More to See

Sri Guru Granth Sahib

August 24, 2025 By Jaibans Singh

No complaint, No Case: Why no fear of law in Ludhiana

June 4, 2026 By News Bureau

Lack of tracks, safety concerns deter cyclists in Punjab

June 4, 2026 By News Bureau

Tags

AAP Amritsar Bangladesh BJP CAA Captain Amarinder Singh Capt Amarinder Singh China Congress COVID CPEC Farm Bills FATF General Qamar Bajwa Guru Angad Dev JI Guru Gobind Singh Guru Granth Sahib Guru Nanak Dev Ji Harmandir Sahib Imran Khan Indian Army ISI Kartarpur Corridor Kartarpur Sahib Kashmir LAC LeT LOC Maharaja Ranjit Singh Narendra Modi operation sindoor Pakistan PLA POJK President Xi Jinping Prime Minister Narednra Modi PRime Minister Narendra Modi Punjab QUAD RSS SAD SFJ SGPC Sikh Sukhbir Badal

Featured Video

More Posts from this Category

Footer

Text Widget

This is an example of a text widget which can be used to describe a particular service. You can also use other widgets in this location.

Examples of widgets that can be placed here in the footer are a calendar, latest tweets, recent comments, recent posts, search form, tag cloud or more.

Sample Link.

Recent

  • Vaping ban goes up in smoke as e-cigarettes still lure youth
  • No complaint, No Case: Why no fear of law in Ludhiana
  • Lack of tracks, safety concerns deter cyclists in Punjab
  • ਟਰਾਂਸਫਾਰਮਰਾਂ ’ਚੋਂ ਸੈਂਕੜੇ ਲਿਟਰ ਤੇਲ ਚੋਰੀ
  •  ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ; ਟ੍ਰੈਫਿਕ ਜਾਮ ਦਾ ਹੱਲ ਜਾਂ ਵਿਰਾਸਤ ’ਤੇ ਹਮਲਾ ?

Search

Tags

AAP Amritsar Bangladesh BJP CAA Captain Amarinder Singh Capt Amarinder Singh China Congress COVID CPEC Farm Bills FATF General Qamar Bajwa Guru Angad Dev JI Guru Gobind Singh Guru Granth Sahib Guru Nanak Dev Ji Harmandir Sahib Imran Khan Indian Army ISI Kartarpur Corridor Kartarpur Sahib Kashmir LAC LeT LOC Maharaja Ranjit Singh Narendra Modi operation sindoor Pakistan PLA POJK President Xi Jinping Prime Minister Narednra Modi PRime Minister Narendra Modi Punjab QUAD RSS SAD SFJ SGPC Sikh Sukhbir Badal

Copyright © 2026 · The Punjab Pulse

Developed by Web Apps Interactive