PM Modi Speech Independence Day: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर करीब 76 मिनट का संबोधन दिया, जो पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा और अब तक का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने किन शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल किया जान लीजिए।
17 अगस्त, 2026 – नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में देश के भविष्य और युवाओं की भूमिका सबसे अहम रही। उनके संबोधन में ‘विकसित भारत 2047’, ‘वंदे मातरम’, ‘आत्मनिर्भरता’, ‘युवा शक्ति’ और ‘संकल्प’ जैसे शब्द सबसे ज्यादा बार सुनाई दिए। पीएम मोदी ने अपने भाषण को पूरी तरह युवाओं और 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित रखा। उन्होंने बार-बार ‘विकसित भारत 2047’ को दोहराया। उन्होंने कहा कि साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना ही हमारा लक्ष्य है।
वंदे मातरम् का खास जिक्र, आत्मनिर्भर पर जोर
‘वंदे मातरम’ का भी विशेष जिक्र हुआ। इस साल राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे हो रहे हैं और पहली बार लाल किले पर इसे पूर्ण रूप से गाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने पर भी जोर रहा। उन्होंने सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में देश के आत्मनिर्भर होने की बात कही। सबसे ज्यादा जोर ‘युवा शक्ति’ पर था। पीएम ने ‘युवा शक्ति फॉर विकसित भारत’ का आह्वान किया। उन्होंने ‘शक्ति की सप्त धारा’ और ‘बड़ा सोचो, बड़ा संकल्प लो’ का संदेश भी दिया।
जब पीएम बोले- मेरे प्यारे देशवासियों…
प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों, जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, जब मैं देश को तेज रफ्तार से आगे बढ़ाने की बात करता हूं तो इसका सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है? इन सभी प्रयासों के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा शक्ति कौन है? अगर कोई प्रेरणा शक्ति है, तो वो मेरे देश के युवा हैं। विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। देश में उद्यमिता तेजी से बढ़ रही है। आज देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप काम कर रहे हैं और युवा खुद रोजगार पैदा कर रहे हैं।
युवाओं के लिए कई बड़े ऐलान
पीएम मोदी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं। युवा इस दिशा में काम कर रहे हैं और नौकरियां भी बना रहे हैं। सरकार ने 1 लाख करोड़ का फंड घोषित किया है। मैं उनसे कहना चाहता हूं, सपने लेकर आइए, हम आपको किसी संसाधन की कमी महसूस नहीं होने देंगे। डिजिटल इंडिया की प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भारत में इंटरनेट सबसे सस्ता है। उच्च शिक्षा पर बोलते हुए उन्होंने आंकड़े रखे, कहा कि मैं आपको 2004 से 2014 तक का डेटा देना चाहता हूं। तब 350 से भी कम विश्वविद्यालय थे। आज हमारे पास 650 नए विश्वविद्यालय हैं। हम लगभग 1,000 के करीब पहुंच रहे हैं।
‘छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था’
सरकार के तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा देने के प्रयासों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने एक बड़ी घोषणा की। भारत में हाल ही में हुए एआई समिट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में एआई समिट आयोजित किया। आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के युवाओं के लिए घोषणा करना चाहता हूं कि हमने संकल्प लिया है कि आने वाले एक साल में हम 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल्स की ट्रेनिंग देने का काम करेंगे ताकि हमारे देश के युवा एआई के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखें। इसके साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही।
पीएम का बीते चार साल में सबसे छोटा संबोधन
प्रधानमंत्री का इस स्वतंत्रता दिवस पर बीते चार वर्ष में सबसे छोटा संबोधन रहा। उन्होंने लाल किले से 76 मिनट का भाषण दिया, ये अब तक का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण रहा। पिछले वर्ष 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा संबोधन था। इससे पहले उन्होंने 78वें स्वतंत्रता दिवस (2024) पर 98 मिनट का भाषण देकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा था।
नवभारत टाइम्स