18 जून, 2026 – दोराहा : पंजाब में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के साथ-साथ विभिन्न पार्टियों और सरकारों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार के लिए बड़े पैमाने पर बोर्ड और होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। लेकिन दोराहा क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा लगाए गए कई प्रचार बोर्डों की वर्तमान दुर्दशा सरकारी दावों और प्रबंधों पर सवालिया निशान खड़े कर रही है, वहीं रख-रखाव के प्रति गंभीर लापरवाही को भी बयान कर रही है।
दोराहा के अड़ैचां-कद्दों चौक, जो कि जी.टी. रोड पर स्थित एक महत्वपूर्ण और व्यस्त चौराहा है और जहां से कुछ ही दूरी पर दोराहा पुलिस थाना भी स्थित है, वहां पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मुख्यमंत्री भगवंत मान का विशाल प्रचार बोर्ड पिछले दिनों आई तेज आंधी के कारण उलटकर जमीन की ओर झुका हुआ है। कई दिन बीत जाने के बावजूद इसे न तो सीधा किया गया है और न ही हटाया गया है।
इसी प्रकार दोराहा शहर के कई अन्य स्थानों पर मुफ्त इलाज और अन्य योजनाओं से संबंधित लगाए गए बोर्ड टूटे, फटे और सड़क किनारे अथवा फुटपाथों पर गिरे हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इनके रख-रखाव की ओर किसी भी संबंधित विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा। कुछ स्थानों पर ये बोर्ड बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और पेड़ों के सहारे टेढ़े-मेढ़े टिके हुए हैं, जबकि कई स्थानों पर ये पैदल चलने वालों के लिए भी बाधा बन रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि यदि सरकार लोगों तक अपनी योजनाओं का संदेश पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो इन बोर्डों की उचित देखभाल और समय पर मरम्मत भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि टूटे और गिरे हुए बोर्ड न केवल सरकारी दावों की चमक को फीका कर रहे हैं, बल्कि ये प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर भी पेश कर रहे हैं। खास बात यह है कि कई बोर्ड लंबे समय से बदहाल अवस्था में पड़े होने के बावजूद संबंधित विभागों अथवा स्थानीय प्रशासन द्वारा इनके रख-रखाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि यही हालात रहे तो किसी दिन कोई बोर्ड सड़क पर गिरकर बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।
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