पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP ने संगठन को जमीन पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बीएल संतोष के दो दिवसीय दौरे में बूथ स्तर की तैयारियों के साथ नेताओं की नाराजगी और संगठनात्मक खींचतान दूर करने पर भी फोकस है।
25 अगस्त, 2026 – नई दिल्ली: BJP ने पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी को पूरी तरह जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष का सोमवार से दो दिवसीय पंजाब दौरा शुरू हुआ। वह पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में पार्टी के अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों की बैठकें कर रहे हैं। ये एक तरह से बूथ और मंडल स्तर की तैयारियों का जायजा लेने की कोशिश है।
वैसे तो BJP और अकाली दल के बीच फिर से गठबंधन की चर्चाएं चल रही हैं लेकिन BJP नेता अभी अपने दम पर ही चुनाव लड़ने के बयान दे रहे हैं। BJP के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि BJP सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। जून में BJP अध्यक्ष नितिन नबीन भी पंजाब दौरे पर थे और उन्होंने पार्टी नेताओं से सभी 117 सीटों पर तैयारी करने को कहा था। लेकिन इसी महीने संसद के मॉनसून सत्र के दौरान अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने गठबंधन की चर्चाओं को और हवा दी। अकाली नेताओं की ओर से BJP के साथ दोबारा आने के पक्ष में बयान भी आए हैं।
2022 के बाद पंजाब में BJP का बढ़ा फोकस
2022 के विधानसभा चुनाव में BJP का प्रदर्शन सीमित रहा था। तब BJP अकाली दल से अलग होकर मैदान में उतरी थी। इसके बाद से BJP ने पंजाब में अपना सामाजिक और राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश की है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ा और राज्य में करीब 18.5 पर्सेंट वोट हासिल किए। BJP ने संगठन को मजबूत करने पर फोकस भी बढ़ाया।
संगठन समीक्षा के साथ नाराजगी दूर करने पर फोकस
बीएल संतोष के दौरे में अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों के संगठन की स्थिति पर चर्चा होगी। पार्टी का घोषित लक्ष्य जमीनी स्तर पर तालमेल और चुनावी तैयारी को मजबूत करना है। संतोष का दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब पंजाब BJP में संगठनात्मक बदलाव के बाद कुछ वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी भी सामने आई है। इसलिए इस दौरे का एक मकसद संगठन की समीक्षा के साथ-साथ भीतर की खींचतान को कम करना भी माना जा रहा है। चुनाव के पहले BJP के लिए यह जरूरी है कि पुराने नेता, नए संगठनात्मक पदाधिकारी और बाहर से पार्टी में आने वाले नेताओं के बीच तालमेल बना रहे।
नवभारत टाइम्स