‘हर 100 सेकंड में बनेगी एक AK-203 राइफल, सारे पुर्जे भारतीय’, मेजर जनरल एसके शर्मा कही बड़ी बात, अगले महीने आर्मी ट्रायल शुरू
AK-203 Sher Rifle: भारत और रूस की दोस्ती परवान चढ़ चुकी है। इस दोस्ती का बड़ा सबूत तब मिला, जब भारत ने अपना पहला 100 फीसदी स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल का टेस्ट पास कर लिया। अब इसकी सितंबर, 2026 में आर्मी के लिए ट्रायल शुरू होने वाला है।
25 अगस्त, 2026 – नई दिल्ली: भारत ने अपनी पहली 100% स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल बनाई है और उसका सफल परीक्षण भी किया है। यह रक्षा निर्माण के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। इसका प्रोटोटाइप उत्तर प्रदेश के अमेठी में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) की फैसिलिटी में बनाया गया था। भारत की इस कामयाबी में दोस्त रूस का भी हाथ है। IRRPL के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर मेजर जनरल एस के शर्मा ने इस सफल टेस्ट फायरिंग को कंपनी और भारतीय डिफेंस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
‘शेर’ में सभी पार्ट्स भारतीय इंडस्ट्री से: मेजर जनरल शर्मा
मेजर जनरल शर्मा के अनुसार, राइफल बनाने में इस्तेमाल किए गए सभी पार्ट्स और रॉ मटीरियल भारतीय इंडस्ट्री से ही लिए गए थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह उपलब्धि सिर्फ कुछ पार्ट्स को स्थानीय स्तर पर बनाने से कहीं आगे की चीज है।
यह AK-203 प्लेटफॉर्म के पूरी तरह से स्वदेशीकरण को दिखाता है। पहले प्रोटोटाइप का फायरिंग ट्रायल, जिसमें बर्स्ट फायरिंग भी शामिल थी, सफलतापूर्वक पूरा हो गया और शुरुआती नतीजे उत्साहजनक रहे।
AK-203 के फायरिंग टेस्ट में पास होने का यह डेवलपमेंट छोटे हथियारों के लिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं बनाने और आयातित पुर्जों व मटीरियल पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
AK-203 ‘शेर’ राइफलों का निर्माण IRRPL कर रही
AK-203 ‘शेर’ राइफलों का निर्माण IRRPL कर रही है, जो भारतीय रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और रूसी साझेदारों कंसर्न कलाश्निकोव और रोसोबोरोनएक्सपोर्ट का एक जॉइंट वेंचर है। इस प्रोग्राम में भारतीय औद्योगिक साझेदार और MSME भी शामिल हैं जो राइफल के प्रोडक्शन इकोसिस्टम में सहयोग कर रहे हैं।
प्रोटोटाइप की सफल फायरिंग के बाद IRRPL भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ट्रायल के लिए जरूरी संख्या में पूरी तरह से स्वदेशी AK-203 राइफलों के निर्माण की तैयारी कर रही है। ये ट्रायल सितंबर 2026 में शुरू होने वाले हैं।
प्रोटोटाइप की सफल फायरिंग के बाद IRRPL भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ट्रायल के लिए जरूरी संख्या में पूरी तरह से स्वदेशी AK-203 राइफलों के निर्माण की तैयारी कर रही है। ये ट्रायल सितंबर 2026 में शुरू होने वाले हैं।-रिपोर्ट
हर 100 सेकंड में एक AK-203 राइफल बनाएंगे: मेजर जनरल शर्मा
कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार को काफी बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। मेजर जनरल शर्मा ने कहा कि IRRPL हर 100 सेकंड में एक AK-203 राइफल बनाने की क्षमता हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है, जो मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और प्रोडक्शन प्रोसेस को बेहतर बनाने की कोशिशों को दिखाता है।
यह डेवलपमेंट भारत के बड़े ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिहाज से बेहद अहम है, जिसका मकसद घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना, स्वदेशी सप्लाई चेन विकसित करना और डिफेंस प्रोडक्शन में भारतीय इंडस्ट्री की भागीदारी बढ़ाना है।-रिपोर्ट
6 लाख राइफलें बनेंगी, अक्टूबर, 2032 डिलीवरी
IRRPL को लगभग 5,200 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट के तहत आर्म्ड फोर्सेज को लगभग 6.01 लाख AK-203 राइफल सप्लाई करने का काम सौंपा गया है। कॉन्ट्रैक्ट के तहत डिलीवरी का शेड्यूल अक्टूबर 2032 तक का है। हालांकि कंपनी ने काफी पहले, संभवतः दिसंबर 2030 तक डिलीवरी पूरी करने का इरादा जताया है।
नवभारत टाइम्स
100 फीसदी स्वदेशी AK-203 शेर राइफल, हर डेढ़ मिनट में तैयार होगी एक
IRRPL के CEO मेजर जनरल शर्मा ने बताया कि हमने 100% भारतीय पुर्जों और मटेरियल से बनी पहली AK-203 (शेर) राइफल सफलतापूर्वक तैयार कर ली है और उससे फायरिंग भी की है।
नई दिल्ली: डिफेंस सेक्टर में भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारत ने पूरी तरह से स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ राइफल का परीक्षण कर लिया है। अगले महीने इसका ट्रायल भी शुरू हो जाएगा। सबसे खास बात यह है कि ये साइफल पूरी तरह से स्वदेशी है। मेजर जनरल एसके शर्मा ने टेस्ट फायरिंग का एक वीडियो शेयर करते हुए इसकी जानकारी दी है।
अगले महीने ट्रायल
भारत ने पूरी तरह से स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ राइफल का प्रोटोटाइप बनाया है और उसका परीक्षण किया है। इस हथियार के लिए सेना के ट्रायल इस साल सितंबर में शुरू होंगे। – मेजर जनरल एसके शर्मा